Publish Date: Fri, 08 Sep 2017 (10:12 IST)
Updated Date: Fri, 08 Sep 2017 (10:16 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
चौहान गुरुवार को यहां मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है।
लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉकस्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिए समाधान ऑनलाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिए 1 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल-जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा।
रतलाम के मथुरी गांव के किसान बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिए नहीं पहुंची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गए। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करें।
उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाए। फसल हानि के आकलन के लिए फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है इसलिए किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। उन्होंने कहा कि पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। (वार्ता)