Publish Date: Fri, 09 Feb 2018 (23:51 IST)
Updated Date: Fri, 09 Feb 2018 (23:55 IST)
भोपाल। नर्मदा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में इस वर्ष कम वर्षा होने से नर्मदा पर निर्मित बांध जलाशयों में सीमित मात्रा में ही जल-संग्रह हो पाया है। इस स्थिति के कारण गुजरात राज्य की मांग अनुसार अधिक जल निर्गम किया जाना संभव नहीं है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश इस पर सहमत है कि पिछले कुछ महीनों से मध्यप्रदेश द्वारा प्रतिदिन 14 एमसीएम छोड़ा जा रहा जल आगे भी छोड़ा जाता रहेगा। यह जल प्रतिदिन 18 घंटे विद्युत उत्पादन इकाइयों के संचालन से निर्गम हो रहा है। इस मात्रा से अधिक जल निर्गमित किया जाना संभव नहीं है।
वर्तमान स्थिति में इंदिरा सागर जलाशय में 2790 एमसीएम तथा बरगी जलाशय में 2145 एमसीएम जल संग्रहीत है। इंदिरा सागर तथा ओंकारेश्वर जलाशय से प्रतिदिन निर्गमित जल से ओंकारेश्वर की डाउन स्ट्रीम में पीने के पानी तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है।
मप्र की जल की वर्तमान तथा आगामी महीनों में आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नर्मदा जल का नियंत्रित रूप से निर्गम किया जा रहा है, जिससे कि बांधों में भावी आवश्यकता की पूर्ति के लिए जल संग्रहीत रखा जा सके। गुजरात से कहा गया है कि वह मध्यप्रदेश द्वारा प्रतिदिन निर्गमित 14 एमसीएम जल के अतिरिक्त अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरदार सरोवर में संग्रहीत जल का उपयोग करे। (वार्ता)