Publish Date: Thu, 10 Sep 2020 (10:58 IST)
Updated Date: Thu, 10 Sep 2020 (11:17 IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में एक ओर जब कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच ऑक्सीजन की मांग भी अत्यधिक है। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ने इसकी आपूर्ति रोक कर प्रदेश को और भी ज्यादा मुश्किल में डाल दिया है। इस आदेश के बाद नेताओं ने शासन स्तर पर वार्ता शुरू कर दी है।
खबरों के मुताबिक, प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच महाराष्ट्र से ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देने के कारण प्रदेश में ऑक्सीजन की नई समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि यहां संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ गई है। इस बीच प्रदेश में देवास, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी समेत कई जिलों में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदेश के जबलपुर समेत तकरीबन 15 जिलों में महाराष्ट्र से ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। फिलहाल मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग छत्तीसगढ़ और गुजरात से पूरी हो रही है। प्रदेश में महाराष्ट्र के प्लांटों से रोजाना करीब 130 टन ऑक्सीजन मिलती है। प्रदेश में अगस्त महीने में हर दिन 90 टन ऑक्सीजन की डिमांड रही है। राज्य सरकार ने तय किया है कि महाराष्ट्र के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। यदि आवश्यक हुआ तो हाईकोर्ट जाने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। वहीं चिकित्सा शिक्षामंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यह निर्णय देश की संघीय व्यवस्था के खिलाफ है। हालांकि इस संबंध में केंद्र को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
गौरतलब है महाराष्ट्र के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप व्यास ने बीते सोमवार को आदेश जारी किया कि राज्य के प्लांट में बनने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति सिर्फ महाराष्ट्र में होगी।
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Publish Date: Thu, 10 Sep 2020 (10:58 IST)
Updated Date: Thu, 10 Sep 2020 (11:17 IST)