Publish Date: Sat, 08 Feb 2020 (09:33 IST)
Updated Date: Sat, 08 Feb 2020 (09:48 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार कानून व्यवस्था पर खड़े हो रहे सवाल के बीच प्रदेश के पुलिस विभाग के मुखिया के डीजीपी वीके सिंह पर गाज गिर सकती है। पिछले दिनों धार के मनावर में हुई मॉब लिंचिंग, सागर में दलित को जिंदा जलाने, छिंदवाड़ा में दलित मासूम के साथ रेप की घटनाओं के बाद नाराज सरकार ने वीके सिंह को पुलिस महानिदेशक पद से हटाने की तैयारी कर ली है। वीके सिंह की जगह राजेंद्र कुमार प्रदेश के नए डीजीपी हो सकते हैं। राजेंद्र कुमार वर्तमान में सायबर सेल के स्पेशल डीजी हैं और मध्यप्रदेश के चर्चित हनीट्रैप की जांच कर रही एसआईटी के मुखिया हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर लगातार उठते सवाल और राजगढ़ कलेक्टर थप्पड़ कांड में कलेक्टर निधि निवेदिता के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश डीजीपी वीके सिंह को हटाने की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि धार में मॉब लिंचिंग की घटना के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ बेहद नाराज हैं और उन्होंने डीजीपी वीके सिंह को हटाने का मन बना लिया है और जल्द ही इस बारे में बड़ा निर्णय हो सकता है।
दरअसल, सरकार ने संघ लोकसेवा आयोग की हुई डीपीसी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि 1984 बैच के आईपीएस वीके जौहरी की सहमति के बगैर उनका नाम डीजीपी की डीपीसी में शामिल कर लिया गया। सरकार ने इसे नियम विरुद्ध मानते हुए डीजीपी पैनल को मानने से इंकार कर दिया है। सरकार ने डीजीपी के लिए नए सिरे से डीपीसी कराए जाने की मांग की है और इसके लिए सरकार जल्द नया प्रस्ताव भेजेगी। इसके लिए गृह सचिव ने नई पैनल के लिए संघ लोकसेवा आयोग को पत्र लिख दिया है।