Hanuman Chalisa

जहां बनाया गया अभयारण्य, वहां खरमोर को सबसे ज्यादा खतरा

Webdunia
रविवार, 5 अगस्त 2018 (17:06 IST)
इंदौर। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने एक अहम सर्वेक्षण के आधार पर मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र को खरमोर (लेसर फ्लोरिकन) की उन प्राकृतिक बसाहटों में शामिल किया है, जहां इस मेहमान परिंदे के वजूद पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। नतीजतन वन विभाग ने इस बार सरदारपुर क्षेत्र में खरमोर की हिफाजत के इंतजाम बढ़ा दिए हैं।
 
धार जिले में वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) के एसके सागर ने बताया कि हमें सरदारपुर क्षेत्र में खरमोर के कुछ जोड़े देखे जाने की सूचना मिली है। हम इसकी तसदीक कर रहे हैं तथा संकटग्रस्त प्रजाति के प्रवासी पक्षी के संरक्षण के मद्देनजर वन विभाग ने सरदारपुर क्षेत्र में 34,812 हैक्टेयर में फैले खरमोर अभयारण्य और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। इसके साथ ही महकमे के कर्मचारी विशेष वाहन से इन क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहे हैं।
 
डीएफओ ने हालांकि स्पष्ट नहीं किया कि खरमोर सरदारपुर अभयारण्य में देखे गए हैं या इस संरक्षित क्षेत्र के बाहर। उन्होंने फिलहाल खरमोरों की संख्या का खुलासा करने से भी यह कहकर इंकार कर दिया कि इस सिलसिले में विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है। बहरहाल, वन विभाग के जानकार सूत्रों की मानें तो सरदारपुर क्षेत्र में खरमोरों के कम से कम 2 जोड़ों के मौजूद होने का अनुमान है। वैसे यह क्षेत्र खरमोरों की पारंपरिक पनाहगाह रहा है। मशहूर पक्षी विज्ञानी सालिम अली के वर्ष 1981 में किए गए दौरे के बाद इस इलाके में खरमोर के संरक्षण के सरकारी प्रयास शुरू किए गए थे।
 
खरमोर को आकर्षित करने के लिए वन विभाग ने अनोखे प्रयोग के तहत सरदारपुर अभयारण्य क्षेत्र में करीब 20 हैक्टेयर क्षेत्र में मूंग और उड़द की फसलें बोई हैं। इन फसलों पर लगने वाले कीड़े और इल्लियां खरमोर का पसंदीदा भोजन हैं, लिहाजा इन पर कीटनाशकों का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
 
हालांकि जैसा कि पक्षी विशेषज्ञ अजय गड़ीकर बताते हैं कि गुजरे 1 दशक में सरदारपुर क्षेत्र में खरमोरों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। खरमोरों के संरक्षण के लिए वन विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे शख्स ने कहा कि इस बार सरदारपुर क्षेत्र में खरमोरों के देखे जाने की सूचना हमारे लिए बड़ी खुशखबरी है, बहरहाल सरदारपुर क्षेत्र में खरमोरों को बचाना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती है।
 
जानकारों ने बताया कि जलवायु परिवर्तन और मानसूनी बारिश में कमी के कारण धार जिले के इस इलाके में जहां खरमोरों के प्राकृतिक बसेरे नष्ट हो रहे हैं, वहीं संकटग्रस्त प्रजाति के पक्षी के संरक्षण अभियान को स्थानीय आबादी का भारी विरोध भी झेलना पड़ रहा है।
 
सरदारपुर में विकसित खरमोर अभयारण्य क्षेत्र में पड़ने वाले 14 गांवों के निवासी सरकार से लंबेसमय से मांग कर रहे हैं कि इस संरक्षित इलाके को गैर अधिसूचित कर दिया जाए। इन लोगों का कहना है कि अभयारण्य से जुड़े सख्त नियम-कायदों के कारण उन्हें अपनी जमीनों की खरीद-फरोख्त में कानूनी दिक्कतों और अन्य मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। प्रदेश सरकार को भी इस क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए वन और पर्यावरण संबंधी कई मंजूरियां लेनी पड़ती हैं। 
 
डब्ल्यूआईआई की अगुवाई में किए गए वर्ष 2017 के राष्ट्रीय स्थिति सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि खरमोरों पर विलुप्ति का गंभीर संकट मंडरा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक खरमोरों की अनुमानित आबादी कम से कम 264 पक्षियों के स्तर पर पाई गई है। इससे संकेत मिलता है कि वर्ष 2000 के अनुमानित आंकड़ों के मुकाबले इन प्रवासी परिंदों की संख्या लगभग 80 प्रतिशत घट गई है।
 
कुछ ही दिन पहले जारी रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि मध्यप्रदेश का रतलाम-सरदारपुर क्षेत्र, राजस्थान का शोकलिया-केकरी क्षेत्र और महाराष्ट्र का अकोला-वाशिम क्षेत्र उन प्राकृतिक बसाहटों में शुमार हैं, जहां खरमोर को सबसे ज्यादा खतरा है। खरमोर अपने वार्षिक हनीमून के तहत मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में हर साल जुलाई में पहुंचते हैं और तीन-चार महीनों के लिए डेरा डालते हैं। प्रजनन के बाद ये मेहमान परिंदे अनजान ठिकानों की ओर रवाना हो जाते हैं। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

अब UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जानिए पूरा आसान प्रोसेस

Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी

Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश

Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल

Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?

सभी देखें

नवीनतम

गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में अब छलकेंगे जाम, होटलों में शराब की बिक्री को मिली मंजूरी

Census 2027: घर बैठे ऑनलाइन भरें अपनी जनगणना का फॉर्म; जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा तरीका और आखिरी तारीख

ईरान का बड़ा दावा, मार गिराया अमेरिकी F-15 फाइटर जेट, पायलट को बनाया बंदी! हड़कंप

योगी सरकार में चमकी आज़मगढ़ की पहचान, निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी को मिला वैश्विक सम्मान

अबू धाबी में गिरा मलबे का टुकड़ा, 5 भारतीय सहित 12 लोग घायल, एयर डिफेंस ने नाकाम किया हमला

अगला लेख