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कूनो में एक और मादा चीता ने तोड़ा दम, अब तक 9 चीतों की मौत

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Cheetah death in Kuno
भोपाल। कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता की मौत हो गई है। कूनो में आज सुबह एक मादा चीता धात्री (टिबलिसी) की मृत पाई गई। मादा चीता की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया जा रहा है। भारत में चीतों को फिर से बसाने के लिए जोर-शोर से शुरु किया गया चीता प्रोजेक्ट लगातार चीतों की मौत के बाद अब दम तोड़ता  नजर आ रहा है। अब तक कूनो में 9 चीतों की मौत हो गई है। जिसमें तीन शावक शामिल है।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बोमा में रखे गये समस्त 14 चीते (7 नर एवं 6 मादा एवं 1 मादा शावक) स्वस्थ हैं, उनका लगातार स्वास्थ्य परीक्षण कुनो वन्य-प्राणी चिकित्सक टीम एवं नामीबियाई विशेषज्ञ के द्वारा किया जा रहा है। वहीं बाहर घूम रहे बाकी 2 मादा चीतों को नामीबियाई विशेषज्ञ एवं कूनो वन्य-प्राणी चिकित्सक एवं प्रबंधन टीम द्वारा लगातार अनुश्रवण किया जा रहा है एवं उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बोमा में लाये जाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इन दोनों में से आज सुबह एक मादा चीता धात्री (टिबलिसी) मृत पाई गई है।

कूनो में लगातार चीतों की  मौत से पूरे प्रोजेक्ट पर अब सवालिया निशान लग गया है। पिछले दिनों खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए चीतों में से कुछ चीतों की मृत्यु, चिंता का विषय है। गौरतलब है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से 12 कुल 20 चीते लाए गए थे।

वहीं चीतों की लगातार मौत पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार को घेरते हुए लिखा कि प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मृत्यु का समाचार आया है। जब से प्रधानमंत्री ने चीतों को यहां छोड़ा है, तब से अब तक नौ चीतों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार लगातार इस बात पर अड़ी हुई है कि वह अन्य किसी जगह पर चीतों को नहीं बसाएगी। बेगुनाह वन्य प्राणियों को अपने राजहठ की भेंट चढ़ाना अत्यंत निंदनीय कृत्य है।

 

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