Publish Date: Wed, 07 Aug 2024 (12:08 IST)
Updated Date: Wed, 07 Aug 2024 (12:12 IST)
Amarkantak Tour: मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा नदियां बहती हैं और यहां पर जंगल भी अन्य प्रदेशों की अपेक्षा ज्यादा और घने हैं। यहां पर उज्जैन, नेमावर, ओंकारेश्वर और महेश्वर सहित तीर्थ स्थल भी बहुत सारे हैं। प्राकृतिक स्थलों की बात करें तो इसकी संख्या भी बहुत है। पचमढ़ी, मांडू, भेड़ाघाट, चित्रकूट, अमरकंटक सहित जंगलों की सैर कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है अमरकंटक जहां जाकर आप इंडोनेशिया के बाली को तो भूल ही जाएंगे साथ ही योरप के स्विट्जरलैंड को भी भूल जाएंगे।
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अमरकंटक । Amarkantak: इंदौर से 741 किलोमीटर दूर भारत के पर्यटन स्थलों में अमरकंटक प्रसिद्ध तीर्थ और नयनाभिराम पर्यटन स्थल है। विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के बीच 1065 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह हरा-भरा होने के साथ-साथ काफी लुभावना भी है। भारत की प्रमुख सात नदियों में से अनुपम नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक है और यह मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की पुष्पराजगढ़ तहसील के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित अमरकंटक पवित्र स्थलों में गिना जाता है।
नर्मदा और सोन नदियों का यह उद्गम आदिकाल से ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रहा है। नर्मदा का उद्गम यहाँ एक कुंड से तथा सोनभद्रा के पर्वत शिखर से है। यहाँ का वातावरण इतना सुरम्य है कि यहाँ सिर्फ तीर्थयात्रियों का ही नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमियों का भी ताँता लगा रहता है।
नर्मदा उद्गम :- यहां नर्मदा के उद्गम पर पवित्र मंदिर है जहां तीर्थयात्रियों की कतारें लगी रहती हैं। नर्मदा का उद्गम एक कुंड से और सोन नदी का उद्गम एक पर्वत से हुआ है।
भृगु कमंडल :- यहां एक प्राचीन कमंडल है जो हमेशा पानी से भरा रहता है।
धूनी पानी :- यहां घने जंगल में गर्म पानी का सोता देखा जा सकता है। यह पानी औषधीय गुणों से संपन्न होने के कारण इस पानी से स्नान करने से शरीर के असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं।
दुग्धधारा :- यह 50 फीट ऊंचा प्रपात है जो दूध की तरह सफेद दिखाई देता है। जल जब ऊंचाई से गिरता है, तब दूध की तरह सफेद दिखाई देता है।
कपिलधारा : यह बेहद खूबसूरत पिकनिक स्थल है और यहाँ जल प्रपात भी है।
कपिलधारा :- यह बेहद खूबसूरत पिकनिक स्थल है और यहां जल प्रपात भी है। यह अमरकंटक का प्रसिद्ध झरना है। यहीं पर नर्मदा नदी लगभग 100 फुट की ऊंचाई से गिरती है। यहां कभी कपिल मुनि भी निवास करते थे।
कबीर चबूतरा : इस स्थल पर संत कबीर ने कई वर्ष बिताए थे। यह स्थल दो महान संत गुरुनानक देव और संत कबीर का मिलनस्थल होने से सिख और कबीरपंथियों दोनों के लिए विशेष महत्वपूर्ण है
कहां ठहरें : - मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के होटल, विश्राम गृह, नगर पंचायत की धर्मशाला एवं कई अन्य धर्मशालाएं तथा आश्रम भी हैं।
कब पहुंचे :- पूरे वर्ष में आप कभी भी यहां जा सकते हैं।
कैसे पहुंचे : -
रेल- दक्षिण-पूर्व रेलवे के कटनी-बिलासपुर रेल मार्ग पर पेन्ड्रा रोड (42 किमी) निकटतम रेलवे स्टेशन हैं।
सड़क- अमरकंटक के लिए बिलासपुर, शहडोल, कटनी, रीवा, इलाहाबाद, मंडला, सिवनी, रायपुर एवं जबलपुर से सीधी बस सेवा उपलब्ध है।
वायु सेवा- जबलपुर (228 किमी) एवं रायपुर (230 किमी) निकटतम हवाई अड्डे हैं। जबलपुर का हवाई अड्डा आजकल बंद है।