Publish Date: Sat, 26 May 2018 (13:06 IST)
Updated Date: Sat, 26 May 2018 (13:08 IST)
बसों और लोकल ट्रेन में धक्का-मुक्की कर जगह पाने वाले यात्रियों के लिए मेट्रो का आना किसी राहत से कम नहीं था। देश के फिलहाल इन 10 शहरों में मेट्रो ट्रेन चल रहीं है। जानिए कहां कब पहुंची मेट्रो।
कोलकाता
साल 1984 से कोलकाता मेट्रो ट्रेनें चला रहा है। शहर के 27.22 किलोमीटर तक के इलाके में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। यह देश का सबसे पुराना और दूसरा सबसे व्यस्तम मेट्रो रेल नेटवर्क है।
दिल्ली
राजधानी दिल्ली में मेट्रो 2002 में पहुंची। यहां देश का सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है। यह करीब 231 किलोमीटर तक फैली हुई है। साथ ही करीब 160 स्टेशन चल रहे हैं। यह देश का सबसे व्यस्त मेट्रो रेल नेटवर्क है।
बेंगलूरु
ट्रैफिक की समस्या से परेशान बेंगलूरु के लिए मेट्रो किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। 2011 में मेट्रो यहां पहुंची। अभी यह नेटवर्क तकरीबन 42 किलोमीटर में फैला हुआ है। लेकिन विस्तार काम चालू है।
गुरुग्राम
दिल्ली मेट्रो गुरुग्राम तक जाती है। कारोबार का हब बनते दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक रेपिड मेट्रो ट्रैक भी है। यह तकरीबन 11.7 किलोमीटर की दूरी को तय करता है।
मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 2014 में मेट्रो पहुंची। लेकिन अभी 12 स्टेशन वाली इसकी एक ही लाइन चल रही है। पूरी मुंबई में साल 2025 तक मेट्रो चलाने की योजना पर काम चल रहा है।
चेन्नई
चेन्नई में केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार की संयुक्त इकाई चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड मेट्रो ट्रेन चलाने का काम कर रही है। 2015 में मेट्रो यहां चलने लगी थी। नेटवर्क विस्तार पर काम चल रहा है।
जयपुर
जयपुर मेट्रो को साल 2015 में पहली बार हरी झंडी मिली। फिलहाल शहर में तकरीबन 10 किलोमीटर के रूट पर चल रही इस ट्रेन को आगे विस्तार किए जाने की भी योजना है।
कोच्चि
साल 2017 में कोच्चि के यात्रियों को मेट्रो मिल सकी। मेट्रो परियोजना को तेजी से पूरा करने में कोच्चि का ही नंबर आता है। यह देश की पहली ऐसी मेट्रो सेवा है जिसे रेल, सड़क और जल परिवहन केंद्रों से जोड़ा गया है।
हैदराबाद
साइबर सिटी हैदराबाद में भी मेट्रो ट्रेन सेवा 2017 में पहुंची थी। पहले चरण में शहर में 24 स्टेशनों के साथ 30 किलोमीटर वाले इलाके को मेट्रो से जोड़ा गया। इसके विस्तार पर काम चल रहा है।
लखनऊ
2017 में लखनऊ में मेट्रो चलने लगी। इस मेट्रो सेवा के उद्घाटन को लेकर खूब सियासत हुई। सेवा में आने के बाद पहले ही दिन मेट्रो ट्रेन तकनीकी खराबी के चलते डेढ़ घंटे तक बंद पड़ी रही।