Publish Date: Thu, 10 Oct 2019 (22:10 IST)
Updated Date: Thu, 10 Oct 2019 (22:13 IST)
पुणे। क्रिकेट मैदान पर छींटाकशी के लिए सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ही बदनाम नहीं हैं, इस कड़ी में दक्षिण अफ्रीका भी जुड़ गया है। भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अफ्रीकी गेंदबाज कैगिसो रबाडा (Kagiso Rabada) ने भारत के सलामी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की एकाग्रता भंग करने की कोशिश में छींटाकशी क्या की, उसने नए विवाद को जन्म दे दिया।
गुरुवार से प्रारंभ हुए पहले टेस्ट मैच में पुजारा और मयंक अग्रवाल मैदान पर जम चुके थे। रबाडा ने पुजारा की एकाग्रता तोड़ने का प्रयास किया लेकिन टीम इंडिया का यह अनुभवी बल्लेबाज अपनी धुन में मैदान पर टिका रहा।
रबाडा ने पुजारा को 58 रन पर आउट करने के बाद छींटाकशी के अंदाज में उन्हें कुछ कहा। शायद वह अपनी हताशा दूर करना चाहते थे क्योंकि किस्मत पुजारा के साथ थी। पुजारा ने जब खाता भी नहीं खोला था, तब रबाबा की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला था।
पुजारा से जब पूछा गया कि रबाडा ने क्या कहा था तो उन्होंने बताया, मुझे याद नहीं उन्होंने क्या कहा था। वह ऐसे गेंदबाज हैं, जो हमेशा बल्लेबाजों को कुछ ना कुछ कहते रहते हैं।
भारतीय बल्लेबाज ने कहा, एक बल्लेबाज के रूप में, मुझे हमेशा से पता है कि वह (रबाडा) मेरी एकाग्रता को बिगाड़ने की कोशिश करेंगे। सिर्फ वही नहीं दूसरे गेंदबाज भी छींटाकशी करते है, ऐसे में मेरी कोशिश होती है कि मैं उन्हें सुनने से बच सकूं।
उन्होंने कहा, अगर आप अपनी धुन में है तो गेंदबाज क्या कहते हैं, वह आप शायद ही सुन पाएंगे क्योंकि बल्लेबाज के तौर आपका ध्यान इस बात पर होता है कि आप क्या कर सकते हैं। ऐसे में जब आप अपनी धुन में होते है तो उनकी बातों को आप सुन नहीं पाते।
चेतेश्वर पुजारा ने 112 गेंद में 9 चौके और एक छक्के की मदद से 58 रन बनाए। भारत ने पहले दिन का खेल समाप्त होने पर 3 विकेट खोकर 273 रन बनाए।