Publish Date: Mon, 02 Apr 2018 (19:10 IST)
Updated Date: Mon, 02 Apr 2018 (19:15 IST)
मुंबई। दुनिया का सबसे अमीर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) वर्ष 2018 से 2023 तक के नए प्रसारण चरण के लिए मंगलवार को ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मीडिया अधिकार बेचने जा रहा है, जो इस तरह का पहला मौका होगा।
बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट टीम के सभी मैचों के प्रसारण के लिए नीलामी प्रक्रिया से मीडिया अधिकार बेचता है लेकिन यह पहली बार है जब वह इतनी बड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। अरबों रुपयों के करार की इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के पीछे पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार को दूर रखना भी है।
भारतीय बोर्ड का संचालन देख रही प्रशासकों की समिति (सीओए) और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। गौरतलब है कि बीसीसीआई में लोढा समिति की सिफारिशों में मीडिया अधिकारों की ई-नीलामी भी एक सिफारिश थी।
ई-नीलामी की इस प्रक्रिया के तहत सभी कंपनियां ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत बोली लगाएंगी और प्रतिस्पर्धी कंपनियों के प्रक्रिया में बने रहने तक यह बोली लगाती रहेंगी। अंत में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को विजेता चुना जाएगा।
सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित सीओए फिलहाल बीसीसीआई का संचालन कर रही है और उसकी सिफारिश के बाद ही मीडिया अधिकारों को बेचने के लिए ई-नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई है ताकि इसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे। इससे पहले बोर्ड बंद कमरे में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को चुनता था लेकिन इसे लेकर कई बार सवाल उठाए गए हैं।
बीसीसीआई दुनिया का सबसे धनी बोर्ड है और भारतीय टीम के मैचों को दुनिया की किसी अन्य टीम की तुलना में सर्वाधिक देखा जाता है ऐसे में मीडिया अधिकार से बोर्ड को सर्वाधिक कमाई होती है और इसके लिए इस बार छह वैश्विक कंपनियां होड़ में हैं, जिसमें स्टार इंडिया, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया, फेसबुक, गुगल, रिलायंस जियो और यप टीवी हैं।
कंपनियां तीन वर्गों के लिए बोली लगाएंगी। इनमें वर्ष 2018-19 सत्र के लिए पहला वर्ल्ड डिजीटल राइट (जीटीवीआरडी) हैं, जिसके लिए शुरुआती बोली 35 करोड़ रुपए से शुरू होगी। (वार्ता)