Publish Date: Tue, 03 Jul 2018 (16:40 IST)
Updated Date: Tue, 03 Jul 2018 (16:43 IST)
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गेंद के साथ छेड़छाड़ और स्लेजिंग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र अब दोषी क्रिकेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है जिसके लिए वह अपने नियमों को और सख्त बनाने जा रहा है।
इस वर्ष मार्च में दक्षिण अफ्रीका दौरे में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के बॉल टेम्परिंग में शामिल होने के बाद खिलाड़ियों के मैदान पर व्यवहार को लेकर काफी सवाल उठे थे। इस चर्चित बॉल टेम्परिंग प्रकरण में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ, उपकप्तान डेविड वॉर्नर और बल्लेबाज़ कैमरन बेनक्राफ्ट को उनके बोर्ड ने एक एक तथा क्रमश: नौ महीने के लिए निलंबित कर दिया था, वहीं गत माह श्रीलंका के वेस्टइंडीज़ दौरे में भी गेंद के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में दिनेश चांडीमल पर एक टेस्ट का बैन लगाया गया था।
आईसीसी के चेयरमैन शशांक मनोहर ने कहा कि यह बहुत जरूरी हो गया है कि खिलाड़ियों और प्रशासकों में खेल के नियमों के प्रति कुछ डर हो। क्रिकेट के दुनियाभर में एक अरब से अधिक प्रशंसक हैं और हम उन्हें इस खेल की ईमानदारी पर सवाल उठाने का कोई मौका नहीं देना चाहते हैं।
आईसीसी के आचार संहिता नियमों में बदलाव के मद्देनज़र अब वैश्विक संस्था दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जिसे इस वर्ष के आखिर तक लागू कर दिया जाएगा। इसमें गेंद के साथ छेड़छाड़ के अलावा धोखाधड़ी, व्यक्तिगत छींटाकशी, भद्दी टिप्पणियां, अंपायर के निर्देशों की अवहेलना, गेंद की स्थिति में बदलाव शामिल हैं। बॉल टेम्परिंग को अब लेवल तीन का अपराध माना जाएगा जिसके लिए अधिकतम 12 निलंबन अंक दिए जाएंगे जो छ: टेस्ट मैच या 12 अंतरराष्ट्रीय वनडे से बैन के बराबर होंगे।
आईसीसी ने कहा कि बोर्ड ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि यदि खिलाड़ियों के उल्लंघन तय मानकों से बाहर हो जाते हैं तो उनके व्यवहार के लिये संबंधित राष्ट्रीय बोर्डों को भी जिम्मेवार ठहराया जाएगा और बोर्ड पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने अपने तीन खिलाड़ियों पर जहां सख्त कार्रवाई की थी वहीं क्रिकेट श्रीलंका ने कहा था कि चांडीमल पर आईसीसी की कार्रवाई पर्याप्त है और श्रीलंकाई बोर्ड को इस मामले में और कदम उठाने की जरूरत नहीं है।
हालांकि सेंट लुसिया टेस्ट में तीसरे दिन श्रीलंका के मैदान में उतरने से इंकार करने के कारण खेल में दो घंटे का विलंब हुआ था और इस बात को आईसीसी ने गंभीरता से लिया है जिसके चलते चांडीमल और श्रीलंका के कुछ अधिकारियों पर निलंबन लग सकता है।
वैश्विक संस्था के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा कि हम क्रिकेट की बतौर खेल उसकी शीर्ष स्थिति को बनाए रखना चाहते हैं जिस पर लोग भरोसा कर सकें और 21वीं सदी में ऐसे सख्त नियम की ज्यादा जरूरत है। (वार्ता)
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Publish Date: Tue, 03 Jul 2018 (16:40 IST)
Updated Date: Tue, 03 Jul 2018 (16:43 IST)