लाल किताब के अनुसार कुंडली में ग्रहों की कुछ विशेष स्थिति के अनुसार कुछ खास तरह की सावधानियां रखनी होती हैं अन्यथा नुकसन उठाना पड़ता है। कभी कभी यह नुकसान इतना भारी पड़ जाता है कि जीवन में फिर से सबकुछ नए सिरे से प्रारंभ करना होता है। लाल किताब के अनुसार सूर्य कि कुंडली में खाने के अनुसार विशेष स्थिति होने पर कौनसी सावधानियां रखना होती हैं।
लाल किताब के अनुसार कुंडली में सूर्य यदि पंचम, सप्तम, अष्टम और एकादश भाव में है तो कुछ वर्जित कार्य बताएं गए हैं। इन्हें नहीं जानते हैं तो अपनी कुंडली की जांच करके जान लें।
1. सप्तम/अष्टम सूर्य हो तो ताम्बे का और सुबह-शाम को दान नहीं दें।
2. सूर्य बलवान होने पर सूर्य की वस्तुएं सोना, गेहूं, गुड़ व तांबे का दान नहीं दें।
3. सूर्य-चंद्रमा ग्यारहवें भाव में हो तो शराब व मांस का सेवन न करें।
4. सूर्य पांचवें भाव में है तो संतान को त्रास न दें।
5. पिता, ताऊ और पूर्वज को सम्मान नहीं देता है तो बर्बादी।
6. सूर्य यदि सप्तम भाव में है तो पत्नी से अच्छे संबंध बनाकर रखें।
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अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।....
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