Hanuman Chalisa

लाल किताब के अनुसार पितृदोष के कारण, लक्षण और 3 उपाय

अनिरुद्ध जोशी
लाल किताब के अनुसार जब किसी कुण्डली में शुक्र, बुध या राहु दूसरे, पांचवें, नौवें अथवा बारहवें भाव में हों तो जातक पितॄ ऋण से पीड़ित माना जाता है। खासकर नौवें से पता चलता है कि जातक पिछले जन्म में क्या करके आया है। यदि नौवें घर में शुक्र, बुध या राहु है तो यह कुंडली पितृ दोष की है। 
 
इसके अलावा लाल किताब में दशम भाव में बृहस्पति को श्रापित माना गया है। सातवें भाव में बृहस्पति होने पर आंशिक पितृ दोष होता है। यदि लग्न में राहु बैठा है तो सूर्य कहीं भी हो उसे ग्रहण होगा और यहाँ भी पितृ दोष होगा। चन्द्र के साथ केतु और सूर्य के साथ राहु होने पर भी पितृ दोष होगा।
 
कारण : घर के पितरों या बडों ने पारिवारिक पुजारी बदला होगा। घर के पास में किसी मंदिर में तोडफोड हुई होगी या कोई पीपल का पेड़ काटा गया होगा। पिछले जन्म में आपने कोई पाप किया होगा। आपके पूर्वजों ने कोई पाप किया होगा जिसका परिणाम आपको भुगतना पड़ रहा है।
 
लक्षण : गृह कलह इसका मुख्‍य लक्षण है। दूसरा लाख मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है। विवाह देर से होता है और यदि जल्दी हो जाए तो संतान देर से होती है और यदि संतान हो जाए तो निकम्मी निकलती है या इतने दुःख देती है कि आप सोचते हैं कि मैं मर जाऊं तो अच्छा है।
 
उपाय: 
1. परिवार के सभी सदस्यों से सिक्के के रूप में पैसे इकट्ठा करें और किसी दिन पूरे पैसे मंदिर में दान कर दें।
 
2. यदि आपके पड़ोस या घर में कोई पीपल का पेड़ हो तो उसे पानी दें और उसकी सेवा करें।
 
3. प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। मांस-मदिरा से दूर रहें और आचरण को शुद्ध रखें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होली पर दिखेगा चंद्र ग्रहण का दुर्लभ ग्रस्तोदय नजारा, भारत के इस शहर से दिखेगा खास दृश्य

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

भविष्यवाणी: ईरान-इजराइल युद्ध बनेगा विश्वयुद्ध की शुरुआत? भारत बनेगा महाशक्ति

Khagras Chandra Grahan 2026: खग्रास चंद्र ग्रहण का राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

सभी देखें

नवीनतम

साल 2026 का अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?

Israel iran war: ब्लड मून के बाद रौद्र संवत्सर, नरसंहार का साल होगा शुरू, 5 घटनाओं को रोकना मुश्किल

04 March Birthday: आपको 04 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 मार्च 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

होली पर युद्ध और चंद्र ग्रहण का संयोग– क्या है दोनों का रहस्यमय कनेक्शन?"

अगला लेख