तेईस मार्च को तीन वीर, भारतमाता की गोद चढ़े। स्वतंत्रता की बलवेदी पर, तीनों के गर्वित शीश चढ़े। रंगा बसंती चोला था, भारत के वीर सपूतों ने। माता का अपमान किया था, उन गोरों की करतूतों ने। नहीं सहन था भगत सिंह को, भारत का सिर झुक जाना।...