Hanuman Chalisa

बाल कविता : राह तक रही होगी अम्मा

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
पूरब के पर्वत से झांका,
लाल-लाल सूरज का गोला।
मैं बिस्तर से उठ बैठा हूं,
सुबह हो गई, मुन्ना बोला।
 
मैं भी उठकर बैठ गई हूं,
मुनियां चिल्लाई भीतर से।
मुन्ना भैया, चलो घूमने,
जल्दी निकलो बाहर घर से।
 
बाहर ठंडी हवा मिलेगी,
फूल मिलेंगे मुस्काते से।
डाल-डाल पर पंछी होंगे,
चहंग-चहंग गाना गाते से।
 
पशु शाला में गाय मिलेगी,
बछड़े के संग लाड़ लड़ाते।
वहीं मिलेगी काकी हमको,
दुहती दूध गीत गा गाके।
 
दौड़ लगाकर कसरत करके,
जब हम घर वापस आएंगे।
राह तक रही होगी अम्मा,
उसको चौखट पर पाएंगे।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मियों में धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये चीजें, लू और सन टेन से होगा बचाव

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

LPG गैस के बिना शाकाहारी व्यंजन: 10 स्वादिष्ट और सेहतमंद चाट रेसिपी

घर में यदि गैस और इंडक्शन दोनों नहीं है, तो इन 5 आसान तरीकों से फटाफट पकेगा खाना

सभी देखें

नवीनतम

मोदी-ट्रंप की 'हॉटलाइन' पर मस्क के 'लॉग-इन' पर सवाल, कूटनीति या बिजनेस डील?

Benefits of desi ghee: देसी घी खाने के 10 अद्भुत फायदे, आप शायद ही जानते होंगे

नर्मदा के निमाड़ी अंचल में बसा 'विमलेश्वर तीर्थ'

Morning Routine: सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये 1 काम, दिनभर रहेंगे ऊर्जा से भरपूर

राम- राष्ट्र की जीवनधारा और शाश्वत चेतना का प्रवाह

अगला लेख