सुबह आठ बजने तक, दूध नहीं आया है। चाय नहीं बिस्तर में, अब तक आ पाई है। कमरे से चीख-चीख, दादी चिल्लाई है। चाय की पतीली को, बहुत क्रोध आया है। दादाजी बैठे हैं, अलसाये-अलसाये। पापाजी चुप-चुप हैं, बोल नहीं कुछ पाये। गुस्से पर...