Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
डॉ.प्रमोद सोनवानी "पुष्प"
नित्य सवेरे उठकर कहती,
राजू को उसकी मैया।
पूरब में देखो तो राजू,
आए हैं सूरज भैया ।
लो सूरज की किरण परी भी,
चहुं दिशा को हरषाई।
पानी में देखो सूरज की,
चमक रही है परछाई।