दादा-दादी आज सुबह से, बैठे बहुत रिसाने हैं। नहीं किया है चाय-नाश्ता, न ही बिस्तर छोड़ा है। पता नहीं गुस्से का क्योंकर, लगा दौड़ने घोड़ा है। अम्मा-बापू दोनों चुप हैं, बच्चे भी बौराने हैं। शायद खाने पर हैं गुस्सा, खाना ठीक नहीं बनता। या उनकी चाहत के जैसा,...