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आज है हनुमान पूजन का विशेष दिन, जानिए मुहूर्त, मंत्र और महत्व सहित खास बातें

Webdunia
सोमवार, 27 दिसंबर 2021 (12:30 IST)
आज हनुमान पूजा का विशेष दिन है। पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हनुमान अष्टमी मनाई जाती है। हनुमान अष्टमी का यह पर्व हनुमानजी के विजय दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। आओ जानते हैं इसका महत्व, पूजा मुहूर्त और मंत्र।
 
 
महत्व : कहते हैं कि इसी दिन हनुमानजी ने श्रीराम और लक्ष्मण को अहिरावण के बंधन से मुक्त कराया था। रावण के कहने पर अहिरावण श्री राम और लक्ष्मण को बंदी बनाकर पाताल लोक में ले गया था। हनुमानजी के पंचमुखी रूप धारण करके अहिरावण का वध कर दिया था और अवंतिका नगरी में आकर विश्राम किया था। यह दिन पौष माह की अष्टमी थी। तब श्रीराम ने यह वरदान दिया था कि जो भी भक्त पौष मास की कृष्ण अष्टमी को हनुमानजी की पूजा करेगा उसके सारे मनोरथ पूर्ण होंगे। इस दिन मंगल, शनि, राहु-केतु की शांति के लिए हनुमानजी की पूजा का विशेष महत्व है।
 
मुहूर्त : इस बार यह तिथि सोमवार को हस्त नक्षत्र और शोभन योग की साक्षी में आई है। यह सर्व कार्यो में सिद्धि देने वाला योग है।
 
मंत्र : हनुमानजी के चमत्कारिक मंत्र:- 
1.सामान्य मं‍त्र : ॐ हनुमते नमः या तंत्र मंत्र ॐ हं हनुमते नम।
 
2.हवन मंत्र : 
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय
प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।
 
3.साबर मंत्र :
1.
साबर अढाईआ मंत्र :-
॥ ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा,
तांबे का कड़ा हनुमान वन्गारेय सजे मोंढे आन खड़ा ॥
2.
ॐ नमो बजर का कोठा,
जिस पर पिंड हमारा पेठा।
ईश्वर कुंजी ब्रह्म का ताला,
हमारे आठो आमो का जती हनुमंत रखवाला।
 
3.
।।ओम गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम,
धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीरबाजे श्रींगी बाजे तुरतुरि
आया गोरखनाथमीन का पुत् मुंज का छड़ा,
लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यति हनुमंत खड़ा,
शब्द सांचा पिंड काचास्फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।।
 
4.श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान,
हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान,
अंजनी‍ का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ
नौ खंड का भू‍त, जाग जाग हड़मान (हनुमान)
हुंकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा
डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला
आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे
ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट
पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुंवर हड़मान (हनुमान) करें।
 
चेतावनी : हनुमानजी के साबर मंत्र पढ़ने या जपने के कुछ नियम होते हैं पहले उन्हें जान लें।

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