Hanuman Chalisa

इन 10 बातों से जानिए यौमे आशुरा की अहमियत

Webdunia
* यौमे आशुरा यानी मोहर्रम माह की 10 (दस) तारीख। 
 
* इस दिन खुदा की बड़ी-बड़ी नेमतों की निशानियां जाहिर हुईं और कर्बला की त्रासदी, 'हजरते इमाम हुसैन की शहादत' का भी यही दिन है।
 
* इसलिए पूरे इस्लामी विश्व में इस दिन रोजे रखे जाते हैं, क्योंकि पैगंबर मोहम्मद ने भी इस दिन कर्बला की घटना से पहले भी रोजे रखे थे।

 
* तैमूरी रिवायत को मानने वाले मुसलमान रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों-अखाड़ों को दफन या ठंडा कर शोक मनाते हैं।
 
* यौमे आशुरा को सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज के खुत्बे में इस दिन की फजीलत और हजरते इमाम हुसैन की शहादत पर विशेष तकरीरें होती हैं।
 
* इस दिन ज्यादातर मुसलमान अपना कारोबार बंद रखते हैं।
 
* मस्जिदों में नफिल नमाजें अदा कर रोजा रखकर शाम को इफ्तार किया जाता है।
 
 
* घरों में किस्म-किस्म के खाने बनाए जाते हैं।
 
* एक हजार मर्तबा कुल हुवल्लाह पढ़कर मुल्क और मिल्लत की सलामती की दुआएं की जाती हैं।
 
* इस दिन को पूरे विश्व में बहुत अहमियत, अज्मत और फजीलत वाला दिन माना जाता है।
 
इस दिन को 'यौमे आशुरा' कहा जाता है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 07 अगस्‍त 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Kamika Ekadashi 2026 : सावन में कब है कामिका एकादशी? जानें क्यों खास है यह एकादशी, जानें पूजा विधि और कथा

बुधादित्य राजयोग से बदलेगी इन 5 राशियों की तकदीर, करियर और कारोबार में मिल सकती है बड़ी सफलता

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग–5 : तेजपत्ता)

श्रावण मास में करें ये 10 आसान उपाय, पूरे साल मिलेगा भगवान शिव का आशीर्वाद

अगला लेख