Publish Date: Fri, 06 Jul 2018 (18:05 IST)
Updated Date: Fri, 06 Jul 2018 (18:08 IST)
नांत। पश्चिमी फ्रांस में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के बाद भड़के दंगे तीसरी रात भी जारी रहे और कई कारों तथा इमारतों में आग लगा दी गई। यह घटना सुविधाओं से वंचित उपनगर में हुई है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी आबादी रहती है। सरकार ने युवक की मौत की जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का आश्वासन दिया है।
अबू बकर एफ नाम के व्यक्ति की मौत के मामले में एक पुलिस अधिकारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसकी मौत ने शहर के लोगों और पुलिस के बीच रिश्तों को और तनावग्रस्त कर दिया गया है। वे अक्सर पुलिस पर ज्यादती करने के आरोप लगाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नांत में रात में 52 कारों को आग के हवाले कर दिया गया जिसमें मेयर की निजी कार भी शामिल थी। इसके अलावा 8 इमारतों में या तो आग लगा दी गई या उनमें तोड़फोड़ की गई। एक पेट्रोल पंप और एक हाईस्कूल को भी आग लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हिंसा का दौर सुबह करीब 6 बजे थम गया।
पुलिस ने 14 साल के एक लड़के समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है। उनके पास पेट्रोल की कैन और माचिस थी। गुरुवार रात पुलिस की गाड़ी पर एक पेट्रोल बम फेंका गया था। दंगों को लेकर अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार शाम नांत में करीब 1,000 लोगों ने अबू बकर को इंसाफ दिलाने के लिए एक मार्च निकाला और उसकी मौत की परिस्थितियों को सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रधानमंत्री इडोआर्ड फिलिपे ने नांत का दौरा किया और दंगों की निंदा की। उन्होंने व्यक्ति की मौत की जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का वादा किया है। गृहमंत्री गेरार्ड कोलोम्ब ने कहा कि सरकार स्थिति को शांत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। अबू बकर एफ पर मादक पदार्थ तस्करी की जांच को लेकर नजर रखी जा रही थी। लूट और अन्य मामलों में भी उसकी तलाश थी। (भाषा)
webdunia
Publish Date: Fri, 06 Jul 2018 (18:05 IST)
Updated Date: Fri, 06 Jul 2018 (18:08 IST)