Publish Date: Sat, 04 Jul 2020 (18:35 IST)
Updated Date: Sat, 04 Jul 2020 (18:40 IST)
चीन की आक्रामकता और विस्तारवादी नीतियों से तंग लोग अब दुनियाभर में सड़कों पर उतर रहे हैं। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर भारतीय अमेरिकी, तिब्बती और ताइवानी नागरिकों ने चीन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोग बॉयकाट चाइना और स्टॉप चाइनीज एब्यूज जैसे पोस्टर भी लिए दिखे। दो दिन पहले शिकागो में भी चीन के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हुए थे।
न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में रह रहे भारतीयों और भारतीय संघों के परिसंघ (एफआईए) के अधिकारियों ने बॉयकाट चाइना, भारत माता की जय और चीनी आक्रामकता को रोको जैसे नारे लगाए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि प्रदर्शन में तिब्बती और ताइवानी समुदाय के सदस्य भी शामिल हुए। उन्होंने तिब्बत भारत के साथ खड़ा है, मानवाधिकारों, अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मों, हांगकांग के लिए न्याय, चीन मानवता के खिलाफ अपराध रोके और बॉयकाट चाइना के पोस्टर ले रखे थे। समुदाय के नेताओं, प्रेम भंडारी और जगदीश सहवानी ने शुक्रवार को इस प्रदर्शन का आयोजन किया।
जयपुर फुट यूएसए के अध्यक्ष भंडारी ने कहा कि आज का भारत 1962 के भारत से अलग है। हम चीनी आक्रामकता और इसकी अंतरराष्ट्रीय धौंस को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम चीन के अहंकार का करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ एक हिसंक झड़प में 20 (भारतीय) जवानों के शहीद होने से बहुत व्यथित हैं।