Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 (12:32 IST)
Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 (12:34 IST)
बेंगलुरु की पहाड़ी पर ट्रेकिंग करने गए इंदौर निवासी इंजीनियर का बुधवार को भी कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस को पहाड़ी हिस्से में उसका मोबाइल और ड्रोन मिला है। तकनीकी जांच में पता चला कि अद्वैत की सगाई चार माह पहले हुई थी, लेकिन उसकी चैट हिस्ट्री में कई लड़कियों से संपर्क मिला है। ट्रेकिंग पर जाने के दौरान उसका मोबाइल बंद मिला। जहां उसकी आखिरी लोकेशन मिली है, वहां के आसपास 4 किलोमीटर के हिस्से में उसकी खोजबीन की गई।
पुलिस आत्महत्या के एंगल के अलावा यह भी पता कर रही है कि कहीं उसने खुद को लापता दिखाने की कोई प्लानिंग तो नहीं की है। लापता होने से पहले उसने अपनी मंगेतर से बात की थी। उसने पुलिस को बताया कि चर्चा सामान्य रूप से हुई थी और अद्वैत ने बताया था कि वह ट्रेकिंग करने गया है। बातचीत से कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी तरह के तनाव से गुजर रहा था।
बैग और स्वेटर मिला : बता दें कि रविवार को तलाशी अभियान के दौरान अद्वैत उपाध्याय का बैग और स्वेटर मिला था। अब पुलिस उसकी डिजिटल गतविधियों के आधार पर डिजिटल मूवमेंट की टाइमलाइन देख रही है। साथ ही पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि फोन बंद होने से कुछ समय पहले तक चालू था। ऐसे में सवाल है कि क्या उसका फोन किसी दूसरे के हाथ तो नहीं लग गया है।
अद्वैत की एक फोटो भी मिली : जांच के दौरान बेंगलुरु पुलिस को अद्वैत की एक फोटो मिली है, जिसे एक पर्यटक ने खींची थी। अद्वैत लापता तब हुआ है, जब वह 7 अगस्त को ट्रेकिंग के लिए शिवगंगे की पहाड़ियों पर गया था। उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री बहुत कुछ बयां कर रही हैं। 4 अगस्त को भी पहाड़ी पर जाने की संभावना है। ऐसे में पुलिस उसकी डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है।
एआई सर्च ने बढ़ाया सस्पेंस : बता दें कि अद्वेत ने एएआई से यह भी सवाल किया था कि पहाड़ी से गिरने के बाद इंसान जीवित कितनी देर तक रह सकता है। उसके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में संभावना है कि वह खुद भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस की जांच में ये सारे बिंदु हैं। इसके साथ ही पुलिस उसके कॉल डिटेल्स की जांच भी कर रही है। आखिर अद्वैत ने लापता होने से पहले किन-किन लोगों से बात की थी। उसके निजी संपर्कों और रिश्तों की जानकारी भी जुटा रही है।
क्या कहा अद्वैत की मां ने : अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे और 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की ओर चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।