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World Energy Conservation Day: विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास, महत्व और उद्देश्य

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WD Feature Desk

, शनिवार, 13 दिसंबर 2025 (14:57 IST)
World Energy Conservation Day In Hindi: विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस हर साल 14 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन ऊर्जा के संरक्षण, सुधार, और सुनिश्चित उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का प्रमुख उद्देश्य ऊर्जा संकट, विकसित और विकासशील देशों में बढ़ती ऊर्जा की मांग, और ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण के लिए कदम उठाने की आवश्यकता को दर्शाना है।
 
विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस का इतिहास: विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस की शुरुआत 1991 में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने की थी, ताकि ऊर्जा के महत्व और इसके संरक्षण के बारे में जन जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस दिन का आयोजन विभिन्न कार्यक्रमों, संपोजियम, और कार्यशालाओं के रूप में किया जाता है, जिसमें लोग ऊर्जा के सही और सहेजने के तरीकों को समझने और अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
 
भारत में इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य कारण यह है कि हमारे देश में ऊर्जा का अत्यधिक उपयोग हो रहा है, लेकिन इसके संसाधन सीमित हैं। इसके अलावा, ऊर्जा के संरक्षण और बेहतर उपयोग के द्वारा हम पर्यावरणीय संकट, जलवायु परिवर्तन, और वैश्विक तापमान में वृद्धि जैसे मुद्दों को कम कर सकते हैं।
 
विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस का महत्व: ऊर्जा के बेहतर उपयोग से न केवल प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है, बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाता है। इससे ऊर्जा बिलों में भी कमी आती है। ऊर्जा के प्रमुख स्रोत जैसे कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस सीमित हैं। इसलिए इनका संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में इनका उपलब्धता बनी रहे। 
 
यह भी देखा गया है कि ऊर्जा के अत्यधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। ऊर्जा का संरक्षण पर्यावरण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऊर्जा संरक्षण से संबंधित नई तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा मिलता है, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और ऊर्जा दक्षता उपकरण आदि। इस तरह हम स्मार्ट तकनीकी प्रोत्साहन को जीवन में शामिल करके पर्यावरणीय संकट से निपट सकते हैं। 
 
विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस का उद्देश्य-
 
1. ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना: यह दिन समाज में ऊर्जा के महत्व और इसे कैसे बचाया जा सकता है, इसके बारे में लोगों को शिक्षित करने का एक साधन है।
 
2. ऊर्जा संसाधनों के समुचित उपयोग को बढ़ावा देना: यह दिन यह बताने का अवसर देता है कि हम ऊर्जा के संसाधनों का समुचित तरीके से उपयोग करें, ताकि यह भविष्य के लिए सुरक्षित रहे।
 
3. नवीकरणीय ऊर्जा के विकल्पों को प्रोत्साहन देना: ऊर्जा संरक्षण दिवस का उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और हाइड्रो ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
 
4. ऊर्जा दक्षता को बढ़ाना: यह दिन हमें अपने उपकरणों और इमारतों की ऊर्जा दक्षता में सुधार करने के तरीके खोजने के लिए प्रेरित करता है, जैसे कि ऊर्जा बचाने वाले बल्बों का इस्तेमाल और ऊर्जा बचत उपकरणों का उपयोग।
 
विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस के कार्यक्रम और पहल- 
 
1. स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान: बच्चों और युवाओं को ऊर्जा संरक्षण के महत्व के बारे में बताया जाता है, ताकि वे अपने जीवन में ऊर्जा बचाने की आदत डाल सकें।
 
2. स्मार्ट तकनीकी के उपयोग पर चर्चा: उद्योग और व्यवसायों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने के लिए स्मार्ट ग्रिड, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, और ऑटोमेटेड ऊर्जा बचत उपकरणों के बारे में चर्चा की जाती है।
 
3. ऊर्जा बचाने के लिए सरकारी पहल: सरकारें इस दिन के अवसर पर नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं, ऊर्जा दक्षता नियमों और प्रोत्साहन योजनाओं का उद्घाटन करती हैं।
 
4. सामाजिक और नागरिक संगठनों द्वारा अभियान: विभिन्न एनजीओ और सामुदायिक संगठन ऊर्जा के संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं, जैसे सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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