Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

हिन्दी कविता : होलिका दहन

Advertiesment
Auspicious Holika Dahan
जलती अग्नि में सत्य की ज्योति,
अधर्म का हर रूप हुआ क्षीण।
भक्ति की शक्ति अमर हो उठी,
जग में गूंजा पावन नवीन।
 
होलिका की ज्वाला कहती है,
अहंकार सदा ही हारता है।
प्रह्लाद-सी अटूट आस्था,
हर संकट को पार करता है।
 
दहन हुआ अन्याय का देखो,
फूटी आशा की नई किरण।
मन के भीतर की कालिमा भी,
आज करे हम सब समर्पण।
 
राख नहीं यह केवल अग्नि की,
संस्कारों का है यह मान।
सत्य, प्रेम और विश्वास से,
जीवन हो उज्ज्वल, महान।
 
आओ मिलकर प्रण ये लें हम,
मन में न रहे कोई मलिनता।
होलिका दहन सिखलाए हमको,
जीते सदा प्रेम और विनम्रता।
 
शुभ होलिका दहन!

ALSO READ: Holika Dahan Poem: होलिका दहन पर हिन्दी में बेहतरीन कविता

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Holika Dahan Poem: होलिका दहन पर हिन्दी में बेहतरीन कविता