Biodata Maker

ग़ज़ल: सर झुकाना आ जाये

Webdunia
डॉ. रूपेश जैन 'राहत'
 
नज़ाकत-ए-जानाँ1 देखकर सुकून-ए-बे-कराँ2 आ जाये
चाहता हूँ बेबाक इश्क़ मिरे बे-सोज़3 ज़माना आ जाये
 
मुज़्मर4 तेरी अच्छाई हम-नफ़्स मुझमे, क़िस्मत मिरी
लिखे जब तारीख़े-मुहब्बत5 तो हमारा फ़साना आ जाये
 
माना हरहाल मुस्कुराते रहना है रिवायत-ए-जवानी6
जुस्तजू इतनी दौर-ए-ग़म7 में रिश्ते निभाना आ जाये
 
बे-लिहाज़8 बस्ती में हो चला मतलब-आश्ना9 हर कोई
भरोसा रखने से बेहतर दर्द-ए-बेकसी10 भुलाना आ जाये
 
इबादत-गुज़ार11 हूँ मिरे मालिक़ इनायत बख्शते रहना
दुआ 'राहत' नाम तिरा आये तो सर झुकाना आ जाये


 
शब्दार्थ:
 
१ नज़ाकत-ए-जानाँ -: प्रिय की सादगी
२ सुकून-ए-बे-कराँ -:  अशांत की शांति/ असीम शांति
३ बे-सोज़ -: जिसमें जलन न हो
४ मुज़्मर -: छुपी हुई
५ तारीख़े-मुहब्बत -: प्रेम का इतिहास
६ रिवायत-ए-जवानी -: युवा होने के नाते, युवाओं की परंपरा
७ दौर-ए-ग़म -: पीड़ा का समय
८ बे-लिहाज़ -:बेशर्म
९ मतलब-आश्ना -: मतलब से प्यार करने वाला
१० दर्द-ए-बेकसी - असहाय होनें की पीड़ा
११ इबादत-गुज़ार - भक्त, प्रार्थना करने वाला

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

यूरोप-अमेरिका के बीच बढ़ रही है अविश्वास की खाई

Guru Golwalkar Jayanti: गुरु गोलवलकर कौन थे? जानें 7 अनसुने तथ्य

जयंती विशेष: छत्रपति शिवाजी: धर्म, संस्कृति और राजनीति के अद्वितीय साम्राज्य निर्माता Chhatrapati Shivaji Maharaj

Shivaji Maharaj Essay: मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज पर उत्कृष्ट निबंध

जयंती विशेष: रामकृष्ण परमहंस क्यों प्रसिद्ध थे?

अगला लेख