Publish Date: Thu, 01 Oct 2020 (16:09 IST)
Updated Date: Thu, 01 Oct 2020 (16:15 IST)
हाथरस में पुलिस द्वारा रातोंरात जलाई गई दुष्कर्म की पीड़ित लड़की की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि आजमगढ़ घट गया और इसके बाद बलरामपुर और इसके बाद बुलंदशहर।
एक दुष्कर्म के सवालों के जवाब मिलते नहीं और दूसरे दुष्कर्म के सवाल खड़े हो जाते हैं। सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं, हाथ, पैर तोड़ दिए गए, कमर तोड़ दी गई, जबान काट ली गई और रीढ की हड्डी तोड़ दी गई।
इधर मध्यप्रदेश के खरगोन में गैंग रेप और बदनावार में दुष्कर्म का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इन सबको लेकर सोशल मीडिया पर बवाल है। आखिर कब तक और किस किस के साथ।
एक के बाद एक होती दुष्कर्म की इन घटनाओं की जानकारी जिस किसी के पास पहुंच रही है वो हैरान और व्यथित है। सोशल मीडिया गुस्से में है। फेसबुक पर विरोध में आलेख लिखे जा रहे हैं, ट्विटर पर हैशटैग हाथरस, हैशटैग बलरामपुर, हैशटैग आजमगढ और हैशटैग बुलंदशहर ट्रैंड कर रहा है।
लोग गुस्से से भरे पड़े हैं। हजारों लोग इन घटनाओं की आलोचना कर रहे हैं। महिलाएं और लड़कियां अपनी सुरक्षा की बात कर रही हैं।
इसी कड़ी में हाथरस दुष्कर्म मामले में विरोध करने पहुंचे राहुल गांधी के साथ पुलिस ने हाथापाई की। इसके बाद यहां हंगामा मचा हुआ है। हाथरस से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर यमुना एक्सप्रेस वे पर यह सारा घटनाक्रम हुआ है। जिसके बाद देश की राजनीति चरम पर है।
सोशल मीडिया में भी उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़े सवाल उठाए जा रहे हैं।
कई यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने ‘बेटी बचाओ’ के नारे के साथ लिखा कि यह नारा है या अब चेतावनी है। नो मर्सी टू रैपिस्ट की तख्तियां वायरल की जा रही हैं।
हाथरस की दुष्कर्म पीड़िता को रातोंरात जलाकर अंतिम संस्कार कर देने पर भी सोशल मीडिया में गुस्सा है। इस मामले में सीधे पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। कुल मिलाकर हाल में सोशल मीडिया दुष्कर्म की घटनाओं से पूरी तरह से आहत है।