Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
अब तक वैक्सीन को कोरोना का इलाज माना जाता रहा है, लेकिन अब कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी जारी की जा रही है। हाल ही में अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने जॉनसन एंड जॉनसन की कोविड वैक्सीन को लेकर चौंकाने वाली बात कही है।
जानकारी के मुताबिक इस वैक्सीन के इस्तेमाल से न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का खतरा बढ़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस वैक्सीन की अब तक दी गई एक करोड़ पच्चीस लाख डोज में से 100 मामलों में Guillain-Barre नामक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर पाया गया है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर Guillain-Barre क्या और किस तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है।
क्या है Guillain-Barre सिंड्रोम
दरअसल Guillain-Barre सिंड्रोम या डिसऑर्डर एक दुर्लभ बीमारी है और इसमें इम्यून सिस्टम के साथ ही नर्व सिस्टम में मौजूद हेल्दी टिशूज पर असर पड़ता है।
क्या है लक्षण
जहां तक इस बीमारी के लक्षणों का सवाल है तो इस सिंड्रोम से ग्रसित होने पर मरीज के चेहरे की नसें कमजोर हो जाती हैं। इसके साथ ही शरीर में कमजोरी, थकान, हाथ पैर में झनझनाहट होना और दिल की धड़कनों का अनियमित हो जाता इसके लक्षणों में शामिल है।
क्या भारत में भी हुई यह बीमारी
भारत में भी कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले कुछ लोगों में Guillain-Barre सिंड्रोम के लक्षण देखने को मिले थे। एनल्स ऑफ न्यूरोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, वैक्सीन लेने के बाद जिन लोगों को ये बीमारी हुई, उनके चेहरे के दोनों किनारे कमजोर होकर लटक गए थे, जबकि आमतौर पर इसके 20 फीसदी से भी कम मामलों में ऐसा देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की वैक्सीन आमतौर पर बेहद सुरक्षित है, लेकिन इसको लगवाने के बाद आपको सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगर इस वैक्सीन को लेने के बाद सिंड्रोम के कोई भी लक्षण दिखें तो डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए।