Festival Posters

FIFA WC 2018 : स्पेन के दिग्गजों के पास छाप छोड़ने का अंतिम मौका

Webdunia
सोमवार, 11 जून 2018 (19:17 IST)
मैड्रिड। बड़े टूर्नामेंटों में पिछले कुछ समय में संघर्ष करने के बाद स्पेन की स्वर्णिम पीढ़ी के बाकी बचे स्टार खिलाड़ी संभवत: अपने अंतिम विश्व कप में छाप छोड़ने के इरादे से उतरेंगे। स्पेन की टीम को 2008 से 2012 के बीच रोकना लगभग असंभव हो गया था और इस दौरान टीम ने 2 यूरोपीय चैंपियनशिप और विश्व कप जीता।
 
 
लेकिन 2014 विश्व कप से टीम का खराब दौर शुरू हुआ। टीम ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रही और यूरो 2016 में प्री क्वार्टर फाइनल में हार गई। टीम को लेकर संदेह था कि नए कोच युलेन लोपेटेगुई उसे विश्व कप में जगह दिला भी पाएंगे कि नहीं लेकिन स्पेन की टीम इटली जैसी टीम को पछाड़ते हुए विश्व कप में जगह बनाने में सफल रही।
 
लोपेटेगुई ने उभरती हुई प्रतिभा और अनुभव का अच्छा मिश्रण बनाते हुए टीम को लगातार 11वीं बार विश्व कप में जगह दिलाई। लोपेटेगुई ने दिग्गज गोलकीपर इकेर कासिलास की जगह डेविड डि गिया को मौका दिया जिन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड और राष्ट्रीय टीम की ओर से प्रभावित किया।
 
यूरो 2016 के दौरान कासिलास को पहली बार बेंच पर बैठाया गया और उन्हें अब विश्व कप की टीम में भी जगह नहीं मिली। सर्जियो रामोस और गेरार्ड पिक जैसे दिग्गज डिफेंडरों का यह संभवत: आखिरी विश्व कप है और इन दोनों की साझेदारी अब तक टीम को बड़े टूर्नामेंटों में जीत दिलाती रही है और इस बार भी टीम को इनसे ऐसी ही उम्मीद होगी।
 
31 साल के पिक की योजना है कि वे विश्व के बाद स्पेन की ओर से नहीं खेलेंगे जबकि 32 साल के रामोस भी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। जब विश्व कप शुरू होगा तो मिडफील्डर आंद्रेस इनिएस्ता 34 बरस के हो चुके होंगे और टीम इस प्लेमेकर को खिताब के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच से विदाई देना चाहेगी।
 
इनिएस्ता अपने पास और गेंद पर नियंत्रण के लिए मशहूर हैं और स्पेन की टीम के साथ 3 बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने 2010 विश्व कप फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ विजयी गोल दागा था। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

10 हार, 3 सीरीज गंवाई, भारतीय जमीन पर 21वीं सदी के सबसे खराब टेस्ट कोच

WTC Points Table में भारत पाकिस्तान से भी नीचे खिसका

INDvsSA ODI मैच पहली बार खेला गया इस नियम से, बल्लेबाजों को हुआ फायदा

वैभव को नहीं उनके के दोस्त को मिली U19 टीम की कप्तानी, जो हैं CSK का ओपनर

WTC के बाद दूसरे नंबर पर यह जीत, टेम्बा बावुमा भारतीय किला फतह करने के बाद बोले

अगला लेख