ganesh chaturthi
✕

मोक्षदा एकादशी से खुल जाएंगे सफलता के द्वार, अवश्य करें ये 3 काम

Webdunia
शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022 (12:55 IST)
Mokshada Ekadashi 2022: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्‍ल पक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसी दिन गीता जयंती मनायी जाती है। इस साल गीता जयंती की 5159वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। मोक्षदा एकादशी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 3 दिसंबर 2022 शनिवार को रहेगी और वैष्णव मत से 4 दिसंबर को रहेगी। इस दिन 3 कार्य अवश्‍य करना चाहिए।
 
1. व्रत अवश्‍य रखें : मान्यता है कि इस एकादशी का विधिवत व्रत रखने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यानी उन्हें सभी तरह के बंधनों से मुक्ति मिलती है। देवता और पितर तृप्त होते हैं। इसके व्रत से मनुष्य के पापों का नाश हो जाता है। पापों का नाश होने से सफलता के द्वार खुल जाते हैं।
 
2. श्री कृष्‍ण पूजा : इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ ही श्रीकृष्‍ण की पूजा अवश्य करें। श्रीकृष्ण की आराधना करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है और सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
 
3. गीता का पाठ और वितरण : गीता जयंती के दिन गीता को पढ़ना या सुनना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। इसी के साथ इस ग्रंथ को किसी को भेंट करना भी अत्यंत ही शुभ और फलदेने वाला है।
 
नोट : उपरोक्त में से यदि कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं तो इस दिन किसी गरीब, दिव्यांग, विधवा, सैनिक, सफाईकर्मी को यथशक्ति दान जरूर दें या मंदिर में दान दें। यह भी नहीं कर सकते हैं तो कम से कम गीता भवन में जाकर गीता पाठ को सुनें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख