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Vaccine Passport: आखि‍र क्‍या है 'वैक्‍सीन पासपोर्ट', कैसे करेगा काम?

नवीन रांगियाल
सोमवार, 5 अप्रैल 2021 (13:55 IST)
पूरी दुनिया एक बार फ‍िर से कोरोना वायरस की ग‍िरफ्त में है। संक्रमण से कई देशों में हजारों लोगों की मौतें हो रही हैं। लेकिन उम्‍मीद की जा रही है कि जल्‍दी ही कोरोना वायरस के इस कहर से निजात मिल सकेगी और जिंदगी पहले की तरह सामान्‍य होकर पटरी पर लौटेगी। इसी बीच वैक्‍सीन पासपोर्ट की चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं आखि‍र क्‍या है वैक्‍सीन पासपोर्ट और कैसे करेगा काम।

वैक्सीन पासपोर्ट एक डिजिटल दस्तावेज होगा। दूसरे शब्‍दों में यह एक हेल्थ कार्ड है। जिसमें कोरोना वैक्सीनेशन से जु़ड़ी सभी जानकारी होंगी। यह डिजिटल दस्तावेज एक सर्टिफिकेट की तरह काम करेगा। सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय इसका इस्तेमाल किया जाएगा। जिस भी व्यक्ति ने कोरोना वैक्सीन की डोज ले ली है, उसे एक एप डाउनलोड करने पर 'ग्रीन पास' दिखेगा। यह एप यह भी बताएगा कि कोविड-19 से कौन स्वस्थ हो चुका है। ग्रीन पास से आप रेस्तरां, होटल औऱ अन्य सार्वजनिक जगहों में आसानी से जा सकेंगे।

वैक्‍सीन पासपोर्ट: इजरायल है पहला देश
इजरायल दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने वैक्सीन पासपोर्ट जारी किया है। इस पासपोर्ट का आपके पास होने का मतलब है कि होटल, रेस्टोरेंट, जिम, वर्क प्‍लेस और सार्वजिनक स्थानों पर प्रवेश मिलेगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड भी जल्द ही ऐसा वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी कर सकता है।
वैक्‍सीन पासपोर्ट की तरह ही कई देशों के अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने एक ‘ट्रैवल पास’ बनाया है जिसे एयरलाइंस और एविशयन सेक्टर को दिया जाएगा। इसमें पर्यटकों के कोरोना टेस्ट औऱ वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी होंगी। 
विश्व इकोनॉमिक फोरम (डब्लयूईएफ), करीब 350 प्राइवेट और पब्लिक साझेदार एक 'कॉमनपास' लांच करने पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें लोग कोरोना से जुड़े (पीसीआर टेस्ट और वैक्सीनेशन) से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। जिससे कि लोग अलग-अलग देशों में यात्रा के लिए उनके कोविड-19 को देखते हुए तय नियमों को पूरा कर सकेंगे। इस दौरान लोगों का स्वास्थ्य से संबधी निजी डाटा भी सुरक्षित रहेगा।
'कॉमनपास' में किसी भी व्‍यक्‍ति का टेस्ट रिजल्‍ट और वैक्सीनेशन से जुड़ा डाटा देखा जा सकेगा। किसी का भी कोविड-19 स्टेटस जानने के लिए उनकी सहमति ली जाएगी।

यह डिजिटल सर्टिफिकेट यात्रियों और अन्य लोगों के लिए एक सबूत की तरह काम करेगा कि वह कोरोना से स्वस्थ है। इस कारण पर्य़टकों को क्वांरटीन की नियम से भी छूट मिलेगी। कई देशों ने यात्रियों के प्रवेश के समय कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट और पहुंचते समय टेस्ट करवाना अनिवार्य किया हुआ, लेकिन वैक्सीन पासपोर्ट होने पर इन नियमों से छूट मिल सकती है। आप सर्टिफिकेट का प्रिंटआउट निकाल कर भी अपने पास रख सकते हैं। कहीं भी जरूरत पड़ने पर इसे दिखा सकते हैं।
भारत में अभी वैक्सीन पासपोर्ट लाने की कोई योजना नहीं है। कई लोग वैक्सीन पासपोर्ट को यात्रा आसान करने के रूप में देख रहे हैं। देश के कई राज्य सरकारों ने पहले से ही कोरोना के बढ़ते नये मामलों को देखते हुए यात्रियों के लिए कोविड-19 आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया हुआ है।


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