Publish Date: Fri, 07 Jan 2022 (23:26 IST)
Updated Date: Fri, 07 Jan 2022 (23:34 IST)
लखनऊ। महिला सशक्तिकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए 'मिशन शक्तिह्य से प्रभावित होकर वाराणसी के श्याम चौरसिया ने एक ऐसा मास्क बनाया है जो न सिर्फ कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगा बल्कि महिलाओं को छेड़खानी करने वाले शोहदों की कुत्सित नजर से भी बचाएगा।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार चौरसिया द्वारा विकसित स्मार्ट वीमेंस सेफ़्टी मास्क महिलाओं के लिए ऐसा अचूक हथियार बन गया है, जिसमें लगे डिवाइस को छूते ही लास्ट डायल और पुलिस सहायता केंद्र यानी 112 हेल्पलाइन पर अपने आप कॉल हो जाती है।
इसके अलावा आपातकाल में सहायता के लिए जो नंबर डिवाइस में रजिस्टर होगा उस मोबाइल नंबर पर भी मास्क की डिवाइस से कॉल हो जाएगी। कॉल के साथ ही कॉलर की लोकेशन भी हेल्पलाइन को मिल जाएगी।
चौरसिया पहले भी महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए ऐसे ही अन्य उपकरण बना चुके हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर संजीदगी से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए यह मास्क विकसित किया है।
उन्होंने बताया कि यह मास्क महिलाएं ही नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से हर कोई इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि अपराधियों से घिरने पर या लूट का अंदेशा अथवा किसी अन्य अनहोनी से बचने के लिए स्मार्ट फेस मास्क वरदान साबित हो सकता है।
यह स्मार्ट फेस मास्क पहनने वाले के मोबाइल फोन से ब्लू टूथ द्वारा कनेक्ट हो जाता है। मुसीबत में फंसे व्यक्ति द्वारा इसके सेंसर को टच करने पर पुलिस और उसके परिवार के सदस्य को लोकेशन के साथ कॉल चली जाएगी। इसमें लगे उपकरणों को निकालकर मास्क को धोया भी जा सकता है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट वीमेंस सेफ़्टी फेस मास्क को बनाने में करीब 850 रुपए का खर्च आया है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर बाजार में लाया जाए तो इसकी कीमत काफी कम हो सकती है।(वार्ता)
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