Publish Date: Sat, 29 May 2021 (11:26 IST)
Updated Date: Sat, 29 May 2021 (11:32 IST)
सिंगापुर। नेपाल से 25 अप्रैल को सिंगापुर आई 32 वर्षीय भारतीय नागरिक के चांगी हवाई अड्डे पर कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका नहीं है, क्योंकि उनके मामले का और हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 में संक्रमित पाए गए यात्रियों के बीच कोई फाइलोजेनेटिक (वंशावली) संबंध नहीं है। फाइलोजेनेटिक जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि क्या संक्रमण के मामलों का आपसी संबंध है।
सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसकी जांच में यह पुष्टि हुई है कि सोनल वड्डे के मामले और चांगी हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर संक्रमित पाए लोगों के बीच कोई फाइलोजेनेटिक संबंध नहीं है। 'द स्ट्रेट्स टाइम्स' की एक खबर के अनुसार वड्डे ने कहा था कि वह भारत में ज्यादा सुरक्षित महसूस करती थीं।
इस मामले ने फेसबुक पर एक सवाल पर उनके जवाब का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद तूल पकड़ा। उन्होंने कहा था कि इसकी अधिक संभावना है कि वह चांगी हवाई अड्डे पर संक्रमित हुईं। अंग्रेजी के दैनिक अखबार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से कहा कि रवाना होने से पहले की जांच या गंतव्य पर पहुंचने की जांच में संक्रमित न पाए जाने का यह मतलब नहीं होता कि कोई व्यक्ति कोविड-19 से मुक्त है, क्योंकि हो सकता है कि ए जांच करवाने से पहले ही वह संक्रमण की चपेट में आ चुका हो। (भाषा)