Hanuman Chalisa

Omicron से जंग में दक्षिण अफ्रीका को मिला दुनिया का साथ, ये देश बने मददगार

Webdunia
मंगलवार, 30 नवंबर 2021 (08:38 IST)
जोहानिसबर्ग। कोरोना के नए खतरनाक वैरिएंट Omicron से जंग में दक्षिण अफ्रीका को मिला दुनिया का साथ मिलने लगा है। अमेरिका, भारत समेत कई देश अब उसकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इस बीच ओमीक्रोन वायरस ने दुनिया के 14 देशों में दस्तक दे दी है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन पॉस्की ने कहा, अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका को अब तक करीब 80 लाख वैक्सीन डोज भेजी है वहीं 9.30 करोड़ डोज अफ्रीकी महाद्वीप के लिए भेजी गई है। हमने दक्षिण अफ्रीका को अतिरिक्त खुराक भेजने को तैयार हैं।
 
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अफ्रीका में कोविड-19 रोधी टीके की एक अरब खुराके देने, कर्ज माफी और आठ लाख नौकरियों के सृजन सहित कई प्रोत्साहन की पेशकश की। उन्होंने कहा कि चीन अफ्रीका को टीके की एक अरब खुराक प्रदान करेगा। इसके तहत 60 करोड़ खुराक दान के रूप में आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा 40 करोड़ खुराक चीनी कंपनियों और संबंधित अफ्रीकी देशों द्वारा संयुक्त उत्पादन जैसे माध्यमों से आपूर्ति की जाएगी।

ALSO READ: Omicron का डर, भारत ने दक्षिण अफ्रीका को मदद की पेशकश की
‘ओमीक्रोन’ के सामने आने के मद्देनजर भारत ने सोमवार को कहा कि वह टीके, जीवन रक्षक दवाओं और परीक्षण किट की आपूर्ति सहित महाद्वीप में प्रभावित देशों की मदद करने के लिए तैयार है। टीकों की आपूर्ति कोवैक्स के माध्यम से या द्विपक्षीय रूप से की जा सकती है।
 
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की प्रशंसा करते हुए कहा, 'इस बार दुनिया ने दिखाया कि यह सीख रहा है। दक्षिण अफ्रीका का विश्लेषणात्मक कार्य और पारदर्शिता और इसके परिणामों को साझा करना एक तेज वैश्विक प्रतिक्रिया के लिए जरूरी था। इसमें कोई शक नहीं कि इसने कई लोगों की जान बचाई।'
 
कुछ लोगों की दलील है कि इस तरह के प्रतिबंध अभी भी नये स्वरूप का विश्लेषण करने के लिए समय प्रदान कर सकते हैं। इस नए स्वरूप के बारे में जानकारी बहुत कम है, जिसमें यह शामिल है कि क्या यह अधिक संक्रामक है, क्या इससे गंभीर बीमारी होने की अधिक आशंका है या यह टीकों की सुरक्षा कवच को बेअसर करने में अधिक सक्षम है।
 
WHO ने दुनिया को नए स्वरूप के बारे में जल्दी से सतर्क करने के लिए दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना की प्रशंसा की है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि सीमाओं को बंद होने का अक्सर सीमित प्रभाव होता है, लेकिन यह जीवन और आजीविका पर कहर बरपा सकता है।
 
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले सामने आये कोरोना वायरस के नये वैरिएंट ओमीक्रॉन की पहचान की है और इसे लेकर चिंता भी जताई है। कई अन्य देशों में भी ओमीक्रॉन वैरिएंट के मामलों की पुष्टि हुई है। दुनिया भर के कई देशों ने इसके प्रसार को रोकने के लिए दक्षिणी अफ्रीकी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लागू किया है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कांगो में इबोला वायरस का नया खौफ, बच्चों में संक्रमण बढ़ने की आशंका, WHO का अलर्ट

वित्‍तमंत्री सीतारमण ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोलीं- सिर्फ आलोचना करते हैं, नहीं दिखती भारत की तरक्की

Mamata Banerjee : TMC में बगावत तेज, काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी समेत 5 नेताओं पर ठोका मानहानि का मुकदमा

क्या समाप्त होने वाला ईरान-अमेरिका युद्ध, समझौते के कितने करीब दोनों देश, होर्मुज पर किसका कंट्रोल

ईरान ने शांति समझौते से किया इनकार, कहा- अभी तारीख तय नहीं, किसने कहा था 24 घंटे में होगी डील?

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: अमेरिका ईरान डील से इजराइल नाराज, भारतीय शेयर बाजार में उछाल

मानसून की एंट्री तेज, 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; कई इलाकों में आंधी-तूफान की चेतावनी

जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई कमर्शियल उड़ानें, लखनऊ से पहली फ्लाइट ने की सफल लैंडिंग

हिंदू नाम से महिलाओं को शादी का झांसा देने के आरोप में गिरफ्तारी, मोबाइल से मिले 8000 आपत्तिजनक वीडियो

अमेरिका-ईरान डील का असर: सस्ता हुआ क्रूड ऑयल, कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

अगला लेख