Festival Posters

हर्षवर्धन का बड़ा बयान, 4.85 करोड़ को लगा कोरोना वैक्सीन, टीकाकरण की गति धीमी नहीं

Webdunia
मंगलवार, 23 मार्च 2021 (15:21 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को इस बात से इनकार किया कि देश में कोविड टीकाकरण की गति धीमी है। इसके साथ ही सरकार ने जोर दिया कि देश में कोविड टीके की कोई कमी नहीं है।
 
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने देश में कोविड टीकाकरण की गति धीमी होने के विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अब तक करीब 4.85 करोड़ लोग कोविड टीके की खुराकें ले चुके हैं।
 
हर्षवर्धन ने कहा कि एक दिन पहले ही 24 घंटों के दौरान करीब 32 लाख लोगों ने टीके लगवाए। उन्होंने कहा कि किसी एक दिन पूरी दुनिया में जितने कोविड टीके लगाए जा रहे हैं, उनमें 30 से 40 प्रतिशत टीके भारत में लगाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों को कोविड टीके मुहैया करा रही है और इसकी कोई कमी नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में कोविड टीके के लिए अधिकतम 250 रुपए का शुल्क तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें 150 रुपए टीका लागत के रूप में भारत सरकार के खाते में जमा करायी जाएगी और 100 रुपए की राशि निजी अस्पतालों द्वारा टीकाकरण या सेवा प्रभार के रूप में अपने पास रखी जाएगी।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

India-US ट्रेड डील पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का सवाल- 'आत्मनिर्भर भारत या अमेरिका-निर्भर भारत?'

मणिशंकर अय्यर ने बढ़ाई कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, 'विस्फोटक' बयानों से पार्टी शर्मसार

Supreme Court कोई प्लेग्राउंड नहीं, असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ याचिका पर CJI की सख्त टिप्पणी

एमपी के आईएएस असफर ने की तीसरी शादी, दो पूर्व पत्‍नियां हैं कलेक्‍टर, तीसरी भी आईएएस, ये खबर मचा रही धमाल

रेप के आरोपों से घिरे महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर मध्यप्रदेश में कसेगा शिकंजा!, विदेश भगाने की भी अटकलें

सभी देखें

नवीनतम

22 फरवरी को मेरठ को मिलेगा रफ्तार का तोहफा, PM मोदी दिखाएंगे नमो भारत और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी

सूडान : अस्थाई शिविरों में हज़ारों बच्चों को नाज़ुक उम्मीदों का आसरा

Shama Obaid Islam कौन हैं और Bangladesh में Tarique Rahman सरकार से क्यों चर्चाओं में

वडोदरा, गांधीनगर समेत 6 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी

PM मोदी 28 फरवरी को गुजरात दौरे पर, क्या हैं इसके राजनीतिक मायने

अगला लेख