Hanuman Chalisa

फिर बढ़ रहा है कोरोना, 3 दिन में 7462 लोग संक्रमित, 6440 मरीज हुए स्वस्थ

Webdunia
शुक्रवार, 27 मई 2022 (10:43 IST)
नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस के मरीज एक बार फिर तेजी से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पिछले 3 दिनों में कोरोना के 7462 नए मरीज मिले हैं जबकि 6440 लोगों ने महामारी को मात दी। 
 
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में 2,710 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, 2,296 व्यक्ति कोविड से मुक्त हुए जबकि महामारी से 14 लोगों की मौत हो गई।
 
देश में अब तक 4 करोड़ 31 लाख 44 हजार 810 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 4 करोड़ 26 लाख 07 हजार 177 लोग महामारी को मात दे चुके हैं, 15,814 मरीजों का इलाज चल रहा है और 5 लाख 24 हजार 539 लोग मारे जा चुके हैं।
 
मंत्रालय के मुताबिक, देश में दैनिक संक्रमण दर 0.58 प्रतिशत है। कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है, एक्टिव मरीजों की संख्या 0.03 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.22 प्रतिशत दर्ज की गई है।
 
आज सुबह सात बजे तक 192 करोड़ 97 लाख 74 हजार 973 कोविड टीके दिए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 4 लाख 65 हजार 840 कोविड परीक्षण किए गए। अब तक कुल 84 करोड़ 84 लाख 77 हजार 196 कोविड परीक्षण किए जा चुके हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

'चाबी' लेबनान के पास, ईरान के बयान से खटाई में पड़ सकती है Islamabad talks

भारत सुपर पॉवर नहीं, कनेक्टर पॉवर है, आखिर क्या हैं इसके मायने

What is zombie drug : आखिर क्या है भारत में जॉम्बी वायरस का सच, युवाओं के वायरल वीडियोज से मचा हड़कंप

अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी 'सुपर-ड्रोन' लापता, क्या है कोड 7700 का रहस्य

Strait Of Hormuz पर जहाजों से 20 लाख डॉलर की वसूली, क्या भारत भी दे रहा टोल, आगे क्या है ईरान का प्लान

सभी देखें

नवीनतम

उत्तर प्रदेश में SIR में 2 करोड़ वोटर्स के नाम कटने पर सियासी घमासान, बड़ा सवाल किसका फायदा, किसका नुकसान?

क्या आसिम मुनीर को मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार? पाकिस्तान की 'शांतिदूत' भूमिका और भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती

बर्धमान में पीएम मोदी बोले, बंगाल में 'खेला', लुटेरों का होगा हिसाब

LIVE: अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेंडी वेंस पाकिस्तान पहुंचे, कुछ ही देर में शांति वार्ता

अमेरिकी-ईरानी वार्ता इस्लामाबाद में ही क्यों?

अगला लेख