Publish Date: Fri, 31 Jul 2020 (13:59 IST)
Updated Date: Fri, 31 Jul 2020 (15:03 IST)
नई दिल्ली। जुलाई में भारत में कोरोनावायरस तेजी से फैला। महामारी ने इस महीने शहरों से ग्रामीण इलाकों में अपने पैर पसारे। दिन-प्रतिदिन कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई और जुलाई के आखिरी दिन 55 हजार से ज्यादा मरीज सामने आ गए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब भी 5,45,318 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं जबकि 10,57,805 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 55,078 मामले सामने आने के बाद कोविड-19 मरीजों की संख्या 16,38,870 हुई, 779 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 35,747 पर पहुंची।
कैसी थी 1 जुलाई को स्थिति : भारत में 1 जुलाई को कोविड-19 से 507 लोगों की मौत हो गई थी और इस महामारी से कुल 17,400 लोगों की जान गई थी। वहीं 18,653 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 5,85,493 हो गई थी। 2,20,114 एक्टिव के थे और 3,47,978 लोग ठीक हो चुके थे।
एक माह में क्या बदला : केवल जुलाई में कुल 10,53,377 नए मामले सामने आए। हालांकि सरकार को मामले बढ़ने की आशंका थी और उसने इसके लिए पहले से तैयारियां भी की थी लेकिन ग्रामीण इलाकों में संक्रमण बढ़ने से सरकार की चिंता बढ़ी। अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान भी स्थिति बिगड़ने से स्थानीय प्रशासन को एक बार फिर लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा।
रिकवरी रेट में सुधार : 1 अप्रैल को देश में रिकवरी दर 7.85 प्रतिशत थी तो 1 जुलाई को बढ़कर 59.43 प्रतिशत हो गई। 31 जुलाई तक मरीजों की ठीक होने की दर 64.54% तक पहुंच गई। पिछले एक हफ्ते से तो रोज 30 हजार से ज्यादा मरीज कोरोनावायरस को मात दे रहे हैं। इस दौरान मृत्यु दर भी घटकर 2.18% रह गई।
कोरोना टेस्ट में भारी बढ़ोतरी : 30 जून तक देश में कुल 81 लाख टेस्ट हुए थे जो 31 जुलाई तक बढ़कर 1,88,32,970 तक पहुंच गए। इस तरह जुलाई के माह में 1 करोड़ से ज्यादा टेस्ट हो गए। इस समय भी सरकार को सबसे ज्यादा ध्यान टेस्टिंग पर ही है। वह देश में रोज 10 लाख सेम्पल्स की जांच चाहती है।