Publish Date: Mon, 08 Aug 2022 (16:31 IST)
Updated Date: Mon, 08 Aug 2022 (16:36 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को मुक्केबाज सागर, बैडमिंटन खिलाड़ी त्रीसा जॉली, गायत्री गोपीचंद और किदांबी श्रीकांत, टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल और श्रीजा अकुला तथा भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने पर बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर बधाई। आप आखिर तक चैंपियन की तरह खेलीं।
राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, युवा मुक्केबाज सागर को राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में रजत पदक जीतने पर बधाई। आपके धैर्य, दृढ़ संकल्प और जज्बे की व्यापक प्रशंसा हो रही है। आपने भारत को गौरवान्वित किया है। आपका भविष्य उज्ज्वल है। सागर ने पुरुषों के 92 किग्रा से अधिक भार वर्ग में रजत पदक जीता।
मुर्मू ने एक अन्य ट्वीट में कहा, हमारी युवा खिलाड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन के महिला युगल में कांस्य पदक जीतने पर बधाई। उन्होंने बेहद परिपक्वता दिखाई और जीत दर्ज की। आप दोनों ही युवाओं विशेषकर लड़कियों के लिए रोल मॉडल हो।
राष्ट्रपति ने बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने वाले किदांबी श्रीकांत की भी प्रशंसा की। राष्ट्रपति ने कहा, किदांबी श्रीकांत को राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने पर बधाई। राष्ट्रमंडल खेलों में आपकी लगातार जीत से आपके समर्पण और उत्कृष्टता का पता चलता है। आप भारतीय बैडमिंटन के अच्छे दूत हो।
मुर्मू ने टेबल टेनिस के मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीतने वाले शरत कमल और श्रीजा अकुला को बधाई दी और कहा कि उन्होंने अनुभव और युवा के मिश्रण से टेबल टेनिस में भारत के लिए इतिहास रचा। राष्ट्रपति ने कहा, शरत कमल और श्रीजा अकुला को राष्ट्रमंडल खेलों में टेबल टेनिस की मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई। उनके अनुभव और युवा के मिश्रण से भारत ने टेबल टेनिस में इतिहास रचा। उन्होंने सुनिश्चित किया कि बर्मिंघम में फिर से तिरंगा लहराए।
मुर्मू ने इन खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भी बधाई दी और कहा कि वे आखिर तक चैंपियन की तरह खेली। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, भारतीय महिला क्रिकेट टीम को राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर बधाई। आप आखिर तक चैंपियन की तरह खेलीं और मैच के दौरान आपकी प्रतिबद्धता दर्शनीय थी। हमारी बेटियों ने बर्मिंघम में हमारे देश का गौरव बढ़ाया।(भाषा)