rashifal-2026

यदि अपना लिए ये 5 टिप्स तो मेकअप टिकेगा लंबे समय तक

Webdunia
0
बरसात के मौसम में कहीं भी आना-जाना हो तो हमेशा यही डर बना रहता है कि इतनी मेहनत से किया गया मेकअप कही बारिश होते ही चेहरे से उतरने न लगें। हलांकि हमेशा तैयार होने के बाद आप बारिश में भिगेंगी ही ऐसा भी जरूरी नहीं लेकिन इस मौसम में वातावरण में ही नमी बनी रहती है। जिस कारण भी चेहरा जल्दि चिपचिपाने लगता है और चिपचिपे ऑइली चेहरे से मेकअप वैसे ही जल्दि उतरने लगता है।
 
तो आइए जानें ऐसे कुछ टिप्स जो आपके मेकअप को फैलने से बचाएंगे...       
 
1. इस मौसम में मेकअप का विशेष ध्यान रखें, वाटरप्रूफ एवं हल्का-फुल्का मेकअप करें, जो आपके चेहरे को खूबसूरत तो दिखाए ही, साथ ही भीगने पर उसे बदरंग न बनाए।

ALSO READ: ऑइली हेयर की चिपचिपाहट से हैं परेशान तो जानिए 5 टिप्स
 
2. जहां तक संभव हो, फाउंडेशन और फेस पावडर का प्रयोग न करें। यदि आवश्यक हो तो फाउंडेशन लगाने के लिए भीगे नम स्पंज का प्रयोग करें। इससे आपका मेकअप ज्यादा समय तक टिका रहेगा।
 
3. वॉटरप्रूफ काजल का प्रयोग करें या फिर काजल की जगह जैल आई लाइनर या फिर वॉटरप्रूफ लाइनर का प्रयोग करें। गाढ़ी और क्रीमी फेस क्रीम के बजाए तरल फेस क्रीम का प्रयोग करें।
 
4. ट्रेडिशनल मेकअप कर रही हैं तो गीली बिंदी न लगाएं, क्योंकि गीली बिंदी भीगने पर बहने लगेगी जिससे आपका चेहरा रंग-बिरंगा हो जाएगा। अगर आप डिजाइन वाली बिंदी लगा सकती हैं तो वाटरप्रूफ लिक्विड बिंदी लगाएं अन्यथा बाजार में मिलने वाली स्टिकर वाली, बिंदिया लगा सकती है।

ALSO READ: पालक चेहरे को खूबसूरत बनाता है, रंग को निखारता है...जानिए और भी दिलचस्प फायदे
 
5. ब्लशर का प्रयोग कर रही हैं, तो वॉटरप्रूफ, क्रीमी ब्लशर का प्रयोग करें। सूखे सिंदूर के स्थान पर रेडीमेड स्टिक वाले सिंदूर का ही प्रयोग करें, यह गीले होने पर बहता नहीं है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

अंधेरे में जलती एक अटूट लौ: माता गांधारी देवी का जीवन दर्शन

सुर्ख़ फूल पलाश के...

गांधी महज सिद्धांत नहीं, सरल व्यवहार है

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

क्या डायबिटीज रोगी कीवी खा सकते हैं?, जानें 4 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

हिन्दी कविता: सवर्ण हैं हम

पुस्तक विमोचन समाचार: शिक्षाविद स्व. कमला अग्रवालजी की जीवनी

Leprosy Eradication Day: कुष्ठ रोग निवारण दिवस: जानें कारण, लक्षण, प्रकार और रोकथाम

Hansens Disease: हैनसेन (कुष्ठ) रोग निवारण में क्या है आधुनिक दृष्टिकोण

गांधी महज सिद्धांत नहीं, सरल व्यवहार है

अगला लेख