Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 (18:06 IST)
Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 (13:14 IST)
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
रविवार, 26 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग, तिथि और शुभ-अशुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
विशेष व्रत, त्योहार एवं धार्मिक महत्व
वासुदेव द्वादशी / वामन द्वादशी: (यह तिथि भगवान विष्णु के वामन अवतार और वासुदेव रूप की पूजा के लिए समर्पित है। देवशयनी एकादशी के अगले दिन इसका विशेष महत्व होता है।)
प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष): (रविवार के दिन प्रदोष व्रत होने से इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है, जो सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।)
आषाढ़ शुक्ल द्वादशी
पंचांग के मुख्य अंग (वैदिक गणना)
वार: रविवार
तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वादशी (रात 01:21 तक (27 जुलाई की सुबह), इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। प्रदोष काल में द्वादशी/त्रयोदशी का योग होने से आज ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा।)
पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
मास: श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत)
ऋतु: वर्षा ऋतु (Monsoon)
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: मूल (Moola) – रात 08:54 तक (इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र)
योग: इन्द्र (Indra) – दोपहर 12:12 तक (इसके बाद वैधृति योग)
करण: कौलव (Kaulava) – दोपहर 02:13 तक (इसके बाद तैतिल करण)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: सुबह 05:39
सूर्यास्त: शाम 07:16
चन्द्र राशि: धनु राशि (Dhanu Rashi) में (पूरा दिन और रात)
सूर्य राशि: कर्क राशि (Karka Rashi) में
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:56 तक (यह समय किसी भी नए, सामाजिक या धार्मिक कार्य के लिए अत्यंत शुभ है।)
प्रदोष काल (पूजा मुहूर्त): शाम 07:16 से रात 09:21 तक (भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष समय)
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से 03:39 तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:17 से 04:58 तक
आज के अशुभ समय (Avoid Windows)
राहुकाल (अशुभ समय): शाम 05:34 से 07:16 तक (इस समय के दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत या शुभ यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।)
यमगण्ड: दोपहर 12:27 से 02:10 तक
गुलिक काल: दोपहर 03:52 से शाम 05:34 तक
दिशाशूल और उपाय
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (आज के दिन पश्चिम दिशा की ओर लंबी यात्रा करने से बचें।)
निवारण/उपाय: यदि आज पश्चिम दिशा में यात्रा करना बहुत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले दलिया या घी खाकर निकलें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
About Writer
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।
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