Hanuman Chalisa

5 जून से शनि ग्रह चलेगा वक्री चाल, वक्र दृष्टि से बचने के 10 उपाय

Webdunia
बुधवार, 1 जून 2022 (11:20 IST)
Shani vakri in kumbh rashi : शनि ग्रह की वक्री चाल कुछ राशियों के लिए शुभ और कुछ के लिए अशुभ होती है। 5 जून 2022 से शनि ग्रह कुंभ राशि में वक्री चाल चलेंगे जो 23 अक्तूबर तक इसी वक्री अवस्था में ही गोचर करेंगे। बताया जा रहा है कि उनकी वक्री चाल से मेष, वृश्‍चिक, मकर और कुंभ राशियों को लाभ मिलेगा लेकिन बाकी राशियों की गोई गारंटी नहीं। आओ जानते हैं शनि की वक्र दृष्टि से बचने के 10 उपाय।
 
 
 शनि से बचाव के उपाय : 
1. शनिग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सर्वप्रथम हनुमानजी की पूजा करें। 
2. शनि की शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
3. तिल, उड़द, भैंस, लोहा, तेल, काला वस्त्र, काली गौ, और जूता दान देना चाहिए।
4. कौवे, भैंस या कुत्ते को प्रतिदिन रोटी खिलावें। 
5. छायादान करें, अर्थात कटोरी में थोड़ा-सा सरसो का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में अपने पापों की क्षमा मांगते हुए रख आएं।
6. दांत साफ रखें। नशा न करें। पेट साफ रखें।
7. अंधे-अपंगों, सेवकों और सफाईकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखकर उन्हें दान करने से भी शनि ग्रह के शुभ प्रभाव प्रारंभ हो जाते हैं।
8. शनि ग्रह को शुभ करने के लिए भगवान भैरव की उपासना करें। भैरव महाराज को कच्चा दूध चढ़ाएं। भैरव महाराज के समक्ष शराब छोड़कर उन्हें शराब अर्पित करने से भी शनि के शुभ प्रभाव प्रारंभ हो जाते हैं।
9. मंदिर के बाहर बैठे गरीबों को भोजन कराएं।
10. काला सफेद कंबल दान करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

हनुमानजी के 10 चमत्कारी मंदिर, तस्वीरों में करें दिव्य दर्शन

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

सभी देखें

नवीनतम

04 April Birthday: आपको 04 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 अप्रैल 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Vaishakh maas 2026: वैशाख मास प्रारंभ, जानें इस विशेष माह की 10 खास बातें

रौद्र संवत्सर 2083: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन-सफलता का योग

एक त्योहार, दो तारीखें: क्यों बार-बार बदल रही हैं त्योहारों की तिथियां? जानें इसके पीछे का ज्योतिषीय गणित

अगला लेख