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पंचक के पांच बड़े नुकसान, जानिए इस बार का पंचक क्यों है खास

अनिरुद्ध जोशी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है। इस तरह चन्द्र ग्रह का कुम्भ और मीन राशी में भ्रमण पंचकों को जन्म देता है। शास्त्रों में निम्नलिखित पांच कार्य ऐसे बताए गए है जिन्हें करने से नुकसान हो सकता है और जानिए इस बार 28 सितंबर 2020 को सोमवार से लग रहा पंचक क्यों खास है।

 
1.लकड़ी एकत्र करना या खरीदना : यदि लकड़ी खरीदना अनिवार्य हो तो पंचक काल समाप्त होने पर गायत्री माता के नाम का हवन कराएं अन्यथा नुकसान होगा।
 
2. मकान पर छत डलवाना : यदि मकान पर छत डलवाना अनिवार्य हो तो मजदूरों को मिठाई खिलने के पश्चात ही छत डलवाने का कार्य करें अन्यथा नुकसान होगा।
 
3. दाह संस्कार करना : यदि पंचक काल में शव दाह करना अनिवार्य हो तो शव दाह करते समय पांच अलग पुतले बनाकर उन्हें भी आवश्य जलाएं अन्यथा मान्यता अनुसार परिवार या कुटुंब में पांच और व्यक्तियों पर मृत्यु का खतरा मंडराता है।
 
4. पलंग या चारपाई बनवाना : इसी तरह यदि पंचक काल में पलंग या चारपाई लाना जरूरी हो तो पंचक काल की समाप्ति के पश्चात ही इस पलंग या चारपाई का प्रयोग करें अन्यथा नुकसान होगा।
 
5. दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना : यदि पंचक काल में दक्षिण दिशा की यात्रा करना अनिवार्य हो तो हनुमान मंदिर में फल चढ़ाकर यात्रा प्रारंभ कर सकते हैं। ऐसा करने से पंचक दोष दूर हो जाता है।
 
पंचक : इस बार 28 सितंबर 2020 सोमवार को राज पंचक है जो कि धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। रविवार का रोग पंचक, मंगलवार का अग्नि पंचक, शुक्रवार का चोर पंचक, शनिवार को पड़ने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते हैं। बुधवार और गुरुवार को सोमवार और मंगलवार का पंचक माना जाता है। इसके अलावा धनिष्ठा नक्षत्र में अग्नि का भय रहता है। शतभिषा नक्षत्र में कलह होने की संभावना रहती है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में रोग बढ़ने की संभावना रहती है। उतरा भाद्रपद में धन के रूप में दंड होता है और रेवती नक्षत्र में धन हानि की संभावना रहती है।
 
राज पंचक : सोमवार से प्रारंभ होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है। यह पंचक शुभ माना जाता है और मान्यता अनुसार इसके प्रभाव से पांच दिनों में कार्यों में सफलता मिलती है खासकर सरकारी कार्यों में सफलता के योग बनते हैं साथ ही संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ होता है।

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