Publish Date: Sat, 22 Feb 2020 (11:04 IST)
Updated Date: Sat, 22 Feb 2020 (11:09 IST)
व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है संबंध में सामान्य जानकारी।
सुबह का दूसरा प्रहर : दिन का दूसरा प्रहर जब सूरज सिर पर आने लगता है और जब तक रहता है तो उसे मध्याह्न कहते हैं। यह प्रहर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रहता है। यह शुद्ध रूप से रजोगुणी प्रहर होता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चों की राजनीति और प्रशासनिक कार्यों में रुचि रहती है। ऐसे प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे नेतृत्व करके खूब धन या यश कमाते हैं। शर्त यह है कि वे किसी भी प्रकार के व्यसन में ना रहें।
इस प्रहर में क्या करें : इस प्रहर में हमारा मस्तिष्क ज्यादा सक्रिय होता है इसलिए कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस प्रहर में अगर हनुमानजी को लाल फूल चढ़ाया जाए तो संपत्ति का लाभ मिलता है और कर्ज से मुक्ति या राहत मिलती है। हालांकि इस प्रहर में मांगलिक कार्य करने और पेड़ पौधे लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।