Publish Date: Fri, 21 Feb 2020 (12:43 IST)
Updated Date: Fri, 21 Feb 2020 (15:00 IST)
व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है संबंध में सामान्य जानकारी।
सुबह का प्रथम प्रहर : सूर्योदय के समय दिन का पहला प्रहर प्रारंभ होता है जिसे पूर्वान्ह कहा जाता है। इस दिन का प्रथम प्रहर भी कहते हैं। इसका समय सुबह के 6 बजे से 9 बजे के बीच का होता है। यह प्रहर आंशिक रूप से सात्विक और राजसिक होता है, लेकिन नकारात्मक नहीं। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे जीवन में बहुत उन्नती करते हैं। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे तेज बुद्धि के और सत्यवादी होते हैं। हालांकि जीवन काल के प्रारंभ में थोड़ा बहुत इनका स्वास्थ गड़बड़ रहता है।
इस प्रहर में क्या करें : इस प्रहर में सोना या संभोग करना वर्जित है। इस प्रहर में क्रोध को कदापि नहीं करना चाहिए अन्यथा इसका मन और मस्तिष्क पर तो बुरा असर पड़ता ही है साथ ही भविष्य भी खराब होता है। इस प्रहर में कटु वचन कहना या गृहकलह करना वर्जित है। इस प्रहर में घर में गंदगी बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस प्रहर में घर में चंदन और गुलाब वाली सुगंध फैलाई जाए तो सुख और शांति बनी रहती है।