Hanuman Chalisa

नरक चतुर्दशी 2018 यहां पढ़ें पूजन के शास्त्रोक्त नियम व विधान

श्री रामानुज
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इसके पीछे दो विभिन्न परंपरा हैं। 
 
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन चंद्र उदय या अरुणोदय (सूर्य उदय से सामान्यत: 1 घंटे 36 मिनट पहले का समय) होने पर नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। हालांकि अरुणोदय पर चतुर्दशी मनाने का विधान सबसे ज्यादा प्रचलित है।
 
यदि दोनों दिन चतुर्दशी तिथि अरुणोदय अथवा चंद्र उदय का स्पर्श करती है तो नरक चतुर्दशी पहले दिन मनाने का विधान है। इसके अलावा अगर चतुर्दशी तिथि अरुणोदय या चंद्र उदय का स्पर्श नहीं करती है तो भी नरक चतुर्दशी पहले ही दिन मनानी चाहिए।
 
नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले चंद्र उदय या फिर अरुणोदय होने पर तेल अभ्यंग( मालिश) और यम तर्पण करने की परंपरा है। ऐसा करने से आरोग्य व समृद्धि प्राप्त होती है।

ALSO READ: नरक चतुर्दशी के दिन नरकासुर से श्रीकृष्ण ने ऐसे बचाया था 16100 कन्याओं को

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शुक्र की वृषभ राशि में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें

घर में कॉकरोच दिखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत

मंगल का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव, जानें असर

कुंभ राशिफल 2026: शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण और गुरु का अमृत प्रभाव; जानें करियर, धन और सेहत का पूरा विश्लेषण

सभी देखें

नवीनतम

18 June Birthday: आपको 18 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 जून 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

12 वर्षों के बाद बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्‍य नक्षत्र में गोचर, तुरंत करें 5 उपाय

नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी

सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं

अगला लेख