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माता लक्ष्मी को भूलकर भी अर्पित न करें ये 4 फूल, राजा से बन जाएंगे रंक

माता लक्ष्मी को गुड़हल, कमल, गुलाब, गेंदा, अमलतास आदि फूल अर्पित कर सकते हैं।

WD Feature Desk
शनिवार, 6 जुलाई 2024 (16:27 IST)
Mata lakshmi: माता लक्ष्मी के वार, तिथि एवं त्योहार पर उनकी धूमधाम से पूजा होती है। लक्ष्मीजी को मखाना, सिंघाड़ा, बताशे, ईख, हलुआ, खीर, अनार, पान, सफेद और पीले रंग के मिष्ठान्न, केसर-भात, गन्ना, पीले फूल, कमल का फूल, सिताफल आदि कई सामग्रियां अर्पित की जाती है। परंतु उन्हें भूलकर भी 4 फूल अर्पित न करें अन्यथा आप कंगाल हो सकते हैं। ALSO READ: कैसे जानें कि मां लक्ष्मी रूठकर चली गई हैं, भूलकर भी न करें ये कार्य
 
1. आकड़े के फूल : भगवान शिव को आकड़े के फूल बहुत प्रिय है परंतु इन्हें भूलकर भी माता लक्ष्मी को अर्पित न करें अन्यथा माता नाराज हो जाएंगी। यह फूल उनकी पूजा में उपयोग में नहीं लाया जाता और न ही उन्हें चढ़ाया जाता है।
 
2. सफेद फूल : सफेद रंग के फूल जैसे- चंपा, रातरानी और मोगरा आदि के फूल अर्पित करना भी शुभ नहीं माना गया।
 
3. तगर के फूल : इस फूल का नाम आपने कम ही सुना होगा। यह फूल भी माता लक्ष्मी को अर्पित नहीं करना चाहिए। 
 
4. हरसिंगार : ऐसा भी कहा जाता है कि माता को हरसिंगार का फूल भी अर्पित नहीं करना चाहिए। 
 
माता लक्ष्मी को गुड़हल, कमल, गुलाब, गेंदा, अमलतास आदि फूल अर्पित कर सकते हैं। 
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माता लक्ष्मी को अर्पित करें ये सामान:- 
 
1. पहली चीज:
1. केसर भात : पीले रंग के केसर भात भी माता को अर्पित करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है।
2. पीले रंग के मिष्ठान : माता लक्ष्मी को पीले और सफेद रंग के मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। 
3. खीर : माता लक्ष्मी को चावल की खीर में किशमिश, चारोली, मखाने और काजू मिलाकर अर्पित करें।
4. हलुआ : शुद्ध घी का हलुआ माता को प्रिय है। 
5. ईख (गन्ना) : दीपावली के दिन गन्ना को इसलिए अर्पित किया जाता क्योंकि उनके सफेद हाथी को यह प्रिय है।
6. सिघाड़ा : सिंघाड़ा माता लक्ष्मी को बहुत ही पसंद है। इसकी उत्पत्ति भी जल से होती है। 
7. मखाना : जिस तरह माता लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र से हुई उसी तरह मखाने की उत्पत्ति भी जल से हुई है। मखाना कमल के पौधे से मिलता है।
8. बताशे : पताशा या बताश भी माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय है। रात्रि की पूजा में इसे अर्पित किया जाता है। 
9. नारियल : नारियल को श्रीफल भी कहते हैं। इसमें सबसे शुद्ध जल भरा रहता है। श्रीफल होने के कारण माता यह बहुत पसंद है।
10. पान : माता लक्ष्मी की पूजा में मीठा पान का बहुत महत्व है। यह प्रसन्नता और समृद्धि का प्रतीक है। 
11. अनार : मां लक्ष्‍मी को फलों में अनार बेहद प्रिय है। दीपावली की पूजन के दौरान अनार जरूर अर्पित करें।
12. अन्य : इसके अलावा पूजन के दौरान 16 प्रकार की गुजिया, पपड़ियां, अनर्सा, लड्डू चढ़ाएं जाते हैं। आह्वान में पुलहरा चढ़ाया जाता है।
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2. दूसरी चीज:
1. कमल का फूल
2. केवड़े का फूल 
3. आम्रबेल 
4. अपराजिता
6. पारिजात 
7. कनेर
8. लाल गुड़हल
8. बिल्व फूल
 
3. तीसरी चीज:  
1. हल्दी
2. चंदन 
3. गोल सुपारी
 
4. चौथी चीज: 
1. बिल्व पत्र
2. तुलसी पत्ता
3. आम या पीपल पत्ता
 
5. पांचवीं चीज: 
1. धूप दीप
2. मधुपर्क
3. पंचांमृत
4. पंजीरी
5. सूखे मेवे
6. जनेऊ, कलावा
7. कौड़िया, चांदी के सिक्के
8. लाल या पीली चुनरी
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