Hanuman Chalisa

क्या द्वार पर घोड़े की नाल लगाना उचित है?

Webdunia
अक्सर आपने किसी के घर के बाहर या अंदर कही उचित स्थान पर घोड़े की नाल को लटके हुए देखा होगा। कई लोग इस घर में लगाते हैं। घोड़े की नाल को घर के मुख्य प्रवेश द्वार या लिविंग रूम के प्रवेश द्वार पर बाहर की ओर लगाया जाता है। आखिर घोड़े की नाल को लगाने से क्या होता है और क्या यह उचित है?
 
क्या होती है घोड़े की नाल?
घोड़े के पैरों के तलवे में लोहे का एक यू शेप का सोल ठोंका जाता है जिससे घोड़े को चलने और दौड़ने में दिक्कत नहीं होती है। अंग्रेजी के यू के आकर के इस सोल में जहां-जहां कील ठोकी जाती है वहां-वहां छेद होते हैं। लौहे के इस सोल को नाल कहते हैं। हालांकि बाजार में आजकल घोड़े की नाल के नाम पर बस नाल ही मिलती है जिसे किसी भी घोड़े ने इस्तेमाल नहीं किया होता है। पुराने समय में जिस घोड़े की नाल बेकार हो जाती थी उसे ही उपयोग में लाया जाता है। इसके पीछे क्या कारण है? यह बताना मुश्किल है।
 
ज्योतिष और वास्तु अनुसार 
*वास्तुशास्त्री मानते हैं कि यदि घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में हो तो उसके ऊपर बाहर की तरफ घोड़े की नाल लगा देना चाहिए। घर के मुख्यद्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती और बरकत बनी रहती है।
 
*ज्योतिष के अनुसार, काले घोड़े के पैरों पर शनि का विशेष प्रभाव होता है। नाल लोहे की बनी होती है, लोहा शनि की धातु है और काला रंग शनि का प्रिय रंग है। घोड़े की नाल के होने से शनि का प्रकोप समाप्त हो जाता है।
 
*काले घोड़े की नाल को अगर काले कपड़े में लपेटकर अनाज में रख दिया जाए तो कभी अनाज की कमी नहीं रहती है। मतलब बरकत बनी रहती है।
 
*काले घोड़े की नाल को किसी काले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख देने से धन में वृद्धि होती रहती है।
 
* घोड़े की नाल को घर में स्थापित करने से जादू-टोने, नकारात्मक ऊर्जा व बुरी नजर से मुक्ति मिलती है। 
 
*यदि किसी को दौड़ते हुए घोड़े के पैर के छिटक कर निकल पड़ी नाल मिल जाए और वो उसे घर में लाकर उचित स्थान पर लगा दे तो उसका दुर्भाग्य दूर होकर जीवन में खुशियां आ जाती है।
 
*दुकान के बाहर काले घोड़े की नाल को टांगने से बिक्री बढ़ जाती है।
 
क्या द्वार के ऊपर घोड़े की नाल लगाना उचित है?
कुछ विद्वानों के अनुसार यह उचित नहीं है। क्योंकि द्वार के उपर या तो गणेशजी की मूर्ति या चित्र स्थापित किया जाता है या कोई मंगल प्रतीक लगाया जाता है। अत: यदि आप घोड़े की नाल को द्वार पर लगाने का सोच रहे हैं तो किसी विद्वान से पूछकर ही ऐसा करें।

एक कथा अनुसार द्वार के महत्व को समझें, हनुमानजी लंका दहन करने में लगे थे तो उन्होंने विभिषण के घर के द्वार पर विष्णु और राम के मंगल प्रतीक देखकर उनके घर को छोड़ दिया था।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?

मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय

केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

सभी देखें

नवीनतम

Rambha Teej 2026: रम्भा तीज व्रत का क्या है महत्व, उपवास की विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 जून, 2026)

16 June Birthday: आपको 16 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जून 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Bada Mangal 2026: सातवें बड़े मंगल पर अवश्य करें ये 10 कार्य, हनुमान जी देंगे वरदान

अगला लेख