Dharma Sangrah

15 अगस्त पर लाल किले की प्राचीर से हो सकती है ये घोषणाएं, जानें क्या कहता है ज्योतिष

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
देश के लिए 15 अगस्त, बुधवार के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले की प्राचीर से कई घोषणाएं कर सकते हैं। इसका ज्योतिषीय कारण दशम व पंचम का स्वामी उच्च का होकर सप्तम में वक्री केतु के साथ होना है। फिर वे घोषणाएं पूरी हो या न हों, यह भी ग्रहों की दशाओं पर निर्भर करता। इसके अनुसार वाणी भाव के कारक ग्रह सूर्य लग्न में समराशि के हैं और स्वर भाव के स्वामी बुध वक्री है। 
 
दशम भाव पर गुरु की मित्र दृष्टि होने से महत्वपूर्ण वार्ता भी हो सकती है। कोई खास कानून भी बनने की जानकारी मोदी दे सकते हैं।
 
कला व सौन्दर्य का कारक शुक्र नीचगत होकर तृतीय भाव में चन्द्र के साथ है। चन्द्र कन्या राशि में होने से देश में अभी बलात्कार रुकना संभव नहीं है। इसके लिए सख्त कानून होने के बावजूद कोई फर्क नहीं आ रहा, जिसका मुख्य कारण गुरु का शुक्र की राशि तुला में होना है। 
 
लग्न में कर्कगत राहु मन को मलीन करने की वजह बना है, इसलिए भी अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। चन्द्र मन के साथ स्त्री का कारक भी है। 12 अक्टूबर से गुरु अपने मित्र मंगल की राशि वृश्चिक में जाएंगे इससे बदलाव दिखने लगेगा। भाग्य नवम पर शुक्र की दृष्टि से आर्थिक मामलों में कुछ राहत मिलेगी।

सम्बंधित जानकारी

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का महत्व और कथा

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

होलिका दहन: शाप, वरदान और अनन्य भक्ति की विजय

Rang Panchami 2026: किस देवता को कौन-सा रंग चढ़ाने से मिलती है कृपा? जानिए पूजा विधि

07 March Birthday: आपको 7 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 7 मार्च 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Meen sankranti 2026: मीन संक्रांति कब है, क्या महत्व है इसका?

Rangpanchami Astrology: रंगपंचमी पर किस रंग से खेलें होली कि जीवन में आए खुशियां, जानें अपनी राशिनुसार

जगन्नाथ मंदिर में दिखा फिर से अशुभ संकेत! ध्वज पर बैठा बाज, क्या होने वाली है भारत में कोई बड़ी घटना

अगला लेख