Hanuman Chalisa

mahashivratri bhog : इस महाशिवरात्रि इन 5 खास भोग से करें शिव जी को प्रसन्न

WD Feature Desk
Shiv Ji Ka Bhog 
 
Mahashivratri Bhog Prasad : शुक्रवार, 8 मार्च को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर आप भी इन पकवानों का भोग लगाकर करें भोलेनाथ को प्रसन्न। यहां जानें 5 तरह के प्रसाद बनाने की सरल विधियां- 
 
* आटे का शाही हलवा
 
सामग्री : 250 ग्राम गेहूं आटा, 200 ग्राम चीनी, 2 बड़ा चम्मच शुद्ध घी, आधा चम्मच इलायची पाउडर, 4-5 केसर के लच्छे, मेवे की कतरन।
 
विधि : एक कड़ाही में घी गरम करके आटा डालकर धीमी आंच पर गुलाबी होने तक सेकें। एक बर्तन में अलग से पानी गरम करके आटे में डाल कर जल्दी-जल्दी चलाएं। थोड़ा गाढ़ा होने पर चीनी मिलाएं और चलाएं।
 
ऊपर इलायची पावडर, मेवे की कतरन डाल दें। जब हलवा घी छोड़ने लगे तब उतार लें। लीजिए तैयार है आटे का शाही हलवा। अब इसे भगवान भोलेनाथ को अर्पित करें।

* केसरी मालपुआ 
 
सामग्री : एक कप ताजा दूध, एक कप मैदा, एक कप चीनी, एक चम्मच नीबू रस, एक चम्मच सौंफ, तेल (तलने और मोयन के लिए), कुछेक केसर के लच्छे, पाव कटोरी मेवे की कतरन।
 
विधि : सबसे पहले मैदा छानकर उसमें 2 चम्मच तेल का मोयन मिलाकर दूध तथा सौंफ डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अब एक बर्तन में चीनी, नींबू रस और पानी डालकर चाशनी तैयार कर लें, उसमें केसर के लच्छे डालें और उबालें।
 
तत्पश्चात एक कड़ाही में तेल गरम करके एक कड़छी से घोल डालें और कुरकुरा होने तक तल लें। फिर चाशनी में डुबोकर एक अलग बर्तन में रखते जाएं। ऊपर से मेवे की कतरन बुरकाकर केसरी मालपुआ का भोग लगाएं।

* केसर पेड़ा
 
सामग्री : 250 ग्राम ताजा छैना, 50 ग्राम शकर, आधा चम्मच गुलाब जल, आधा कप पिस्ता कतरन, चुटकी भर मीठा पीला रंग, 4-5 केसर के लच्छे।
 
विधि : सबसे पहले छैने को एक थाली में लेकर हथेली से तब तक मसलें, जब तक वह अच्छा चिकना न हो जाए। अब एक नॉनस्टिक बर्तन में छैना और शकर डालकर धीमी आंच पर बार-बार चलाती रहे, तब तक कि मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही न छोड़ने लगे। 
 
अब मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दें। तत्पश्चात गुलाब जल में केसर व मीठा पीला रंग डालकर खूब घोंट लें। अब ठंडे मिश्रण के छोटे-छोटे गोले बनाकर हर गोले के बीच में केसर का टीका लगाएं। उस जगह को हल्के से ऊंगली से दबाएं और उस गड्‍ढे में पिस्ता कतरन भर कर तैयार पेड़े पेश करें।

* कोकोनट मिश्री के लड्‍डू
 
सामग्री : सूखे खोपरे का बूरा 150 ग्राम, 200 ग्राम मिल्‍क मेड, एक कप गाय के दूध की फ्रेश मलाई, आधा कप गाय का दूध, इलायची पावडर, 5 छोटे चम्मच मिल्‍क पावडर, कुछेक लच्छे केसर।
 
भरावन मसाला सामग्री : 250 ग्राम मिश्री बारीक पिसी हुई, पाव कटोरी पिस्ता कतरन, 1 चम्मच मिल्‍कमेड, दूध मसाला एक चम्मच।
 
विधि : सर्वप्रथम खोपरा बूरा, मिल्क मेड, दूध, मिल्क पावडर और पिसी इलायची को अच्छी तरह मिला लें। तत्पश्चात माइक्रोवेव में 5-7 मिनट तक इसे माइक्रो कर लें। अब भरावन सामग्री को अलग से 1 कटोरे में मिक्स कर लें। 1 छोटी कटोरी में 4-5 केसर के लच्छे कम पानी में गला दें।
 
अब माइक्रोवेव से निकले मिश्रण को 10-15 मिनट तक सूखने दें, फिर उसमें भरावन मसाला सामग्री डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और उसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें। सभी लड्‍डू तैयार हो जाने पर उनके ऊपर केसर का टीका लगाएं। ऊपर से केसर-पिस्ता से सजाएं और नारियल-मिश्री लड्‍डू पेश करें।

* लस्सी
 
सामग्री : 500 ग्राम ताजा दही, एक कप मलाईयुक्त दूध, केसर के लच्छे 10-12, आधा चम्मच इलायची पाउडर, चुटकी भर मीठा पीला रंग, शकर स्वादा‍नुसार, बादाम-पिस्ता की कतरन पाव कटोरी। 
 
विधि : दही को रवई अथवा मिक्सी में अच्छे से फेंट लें। अब केसर के लच्छों को गुनगुने दूध में कुछ देर तक भिगोकर रखें। पुन: दही में दूध और थोड़ासा पानी चुटकी भर मीठा रंग और शकर मिला कर फिर से फेंट लें। केसर वाला दूध मिलाएं और एक बार फिर मिक्सी में चला लें। अब ऊपर से बादाम-पिस्ता की कतरन बुरका कर लस्सी का भोग भगवान को अर्पित करें। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Morning Routine: सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये 1 काम, दिनभर रहेंगे ऊर्जा से भरपूर

10 Health benefits of Sattu: सत्तू के सेवन से सेहत को मिलेंगे ये 10 फायदे

डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां

गर्मियों में धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये चीजें, लू और सन टेन से होगा बचाव

सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में होते हैं ये 5 बड़े बदलाव

सभी देखें

नवीनतम

world malaria day: विश्व मलेरिया जागरूकता दिवस 2026: कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

Desi ghee in diet: वजन बढ़ाता नहीं घटाता है घी! बस खाने का तरीका सही होना चाहिए

सत्य साईं बाबा: चमत्कार, सेवा और विश्वभर में प्रेम का संदेश

Sathya Sai Baba: सत्यसाईं बाबा की पुण्यतिथि पर जानें 5 अनसुने तथ्य

‘ज्यां क्रिस्टोफ’ को याद करते हुए जो किताबें याद आईं, जो गुम गई और जो पढ़ी जानी है

अगला लेख