rashifal-2026

किस दिशा में लगाएं कौन-से रंग का परदा, जानिए वास्तु शास्त्र से...

Webdunia
* घर में सुख-शांति चाहते हैं तो लगाएं वास्तु के अनुसार कर्टन... 

एक जमाना था, जब लोग घरों में परदे नहीं चिक का उपयोग करते थे। समय के साथ परपंरा बदली और लोग
कमरों को भव्यता प्रदान करने के लिए रंग-बिरंगे व डिजाइनर परदों का उपयोग करने लगे। यही नहीं, लोग अब परदों को कमरे के रंग के मैचिंग के हिसाब से खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। 
 
आजकल लोग वास्तु को लेकर इतने सजग हो गए है कि वास्तु का ध्यान रखते हुए ही परदों की खरीदारी की जाती है। पहले एक परदे से ही काम चल जाता था, लेकिन लोग अब घर को नया लुक देने के लिए चुन्नटदार परदे खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे लोगों को एक की जगह दो परदे खरीदने पड़ते हैं। 
 
घरों में सामान को वास्तु की दिशा के अनुसार तो रखा ही जा रहा है, वहीं दिशा के अनुसार रंग का संयोजन किया जा रहा है। परदे भी इसी के अनुसार लगाए जाते हैं।

आइए जानते हैं किस दिशा/कोण में कौन-से रंग का परदा वास्तु के अनुसार लगाया जाना चाहिए।  
 
* ईशान कोण में सफेद रंग तथा क्रीम, हल्के पीले रंग के परदे लगाना लाभदायी होता है।  
 
* आग्नेय कोण में लाल रंग, मेहरून व सिंदूरी रंग का परदा लगाना चाहिए। 
 
* नैऋत्य कोण में हरा, काला परदा लगाना चाहिए। 
 
* वायव्य कोण में नीला, स्लेटी व बैंगनी कलर का परदा लगाना चाहिए। 
 
इस तरह वास्तु के अनुसार परदों को लगाने से वास्तु देवता प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में सुख-शांति आती है।

ALSO READ: किस दिशा में होनी चाहिए दीपक की लौ, जानिए वास्तु के अनुसार...

देखें वीडियो 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

नास्त्रेदमस की भविष्‍यवाणी में ईरान के बारे में क्या लिखा है?

होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया, कब मनाएं होली और धुलंडी?

क्या गैर हिंदुओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित करना उचित है?

जया और विजया एकादशी में क्या है अंतर जानिए

होली कब है, 2, 3 या 4 मार्च 2026 को?

सभी देखें

नवीनतम

शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब रहेगा, भारत में सूतककाल का समय क्या है?

Chaturthi Vrat 2026: चतुर्थी का व्रत रखने से क्या होगा फायदा, जानिए महत्व

अगला लेख